0 बोले अधिकारी, फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं, घट रहा है नदी का जल स्तर
0 गांव का पहुंच मार्ग पानी में डूबा होने के कारण ट्रैक्टर से पहुंचे अधिकारी
konch1 konch2कोंच-उरई। माताटीला बांध से चार लाख क्यूसेक छोड़े गए पानी से उफनाई बेतवा नदी ने अपने किनारे के दर्जनों गांवों में बाढ का खतरा पैदा कर दिया है। कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम भरसंूड़ा में स्थिति भयावह होने के अंदेशे में प्रशासन ने मौके पर अधिकारी भेज कर हालातों का जायजा लिया है। डीएम संदीप कौर और एडीएम आनंद कुमार के निर्देश पर एसडीएम गोरेलाल शुक्ला और तहसीलदार भूपाल सिंह ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फिलहाल खतरे की बात से इंकार करते हुये बताया कि बेतवा का जल स्तर घट रहा है, आबादी के मुहाने तक पानी आया जरूर है लेकिन ग्रामीणों के घर छोडने जैसी नौबत फिलवक्त नहीं है, अलबत्ता फसलों का जरूर नुकसान हुआ है जिसका सर्वे कराया जा रहा है। भरसूंड़ा के पहुंच मार्ग के पानी में डूबे होने के कारण अधिकारियों को जमरोही मार्ग से वहां तक पहुंचने के लिये ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा है।
बेतवा में जब बाढ आती है तो भयानक कहर बरपाती है, पिछले सालों में आई बाढों में नदी किनारे के गांवों को बहुत कुछ गंवाना पड़ा है सो दो दिन पूर्व माताटीला बांध से छोड़े गये चार लाख क्यूसेक पानी से बेतवा के उफनाने के कारण लोगों की चिंता बढना स्वाभाविक है, उनकी रातों की नींद गायब है और सारी रात आंखों में कट रही है। इधर प्रशासन भी बेतवा की बाढ को लेकर खासा सतर्क है और कोंच तहसील क्षेत्र के भरसूंड़ा इलाके के बाढ की चपेट में होने के चलते डीएम संदीप कौर व एडीएम आनंद कुमार ने स्थानीय प्रशासन को हालातों का जायजा लेने के लिये निर्देशित कर आबादी व फसलों के प्रभावित होने का जायजा लेने को कहा। भरसूंड़ा का पहुंच मार्ग बंद होने के कारण एसडीएम गोरेलाल शुक्ला व तहसीलदार भूपाल सिंह वाया जमरोही ट्रैक्टर द्वारा गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया है कि यद्यपि बाढ का पानी गांव की आबादी तक आ गया है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की जन धन हानि नहीं हुई है, लोगों के अपने घरों को छोडने जैसी भी कोई नौबत नहीं है, नदी का जल स्तर तेजी से घट रहा है और राजस्व प्रशासन द्वारा स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। निरीक्षण के समय ग्राम प्रधान वीर सिंह यादव, लेखपाल राजेश शर्मा, सदर लेखपाल नरेन्द्र सिंह समेत कई राजस्व कर्मी व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों की किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये नावों की जरूरत को देखते हुये ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित करने के लिये कह दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात बिगडने की स्थिति में प्रशासन ने लोगों की मदद के हर संभव इंतजाम करके रखे हैं।
इंसेट में-
मलंगा में बाढ का फिलहाल कोई खतरा नहीं
वर्ष 2013 में बाढ की बिभीषिका झेल चुके कोंच और आसपास के बाशिंदों के लिये राहत भरी खबर यह है कि बाढ का वायस बनने बाले मलंगा नाले में बाढ का फिलहाल कोई खतरा नहीं है। प्रशासन भी इस पर पैनी नजर रखे हुये है। बताया गया है कि मलंगा नाले के उद्गम स्थल करई बांध में उसकी पूरी क्षमता से आधा ही पानी है। अगर स्थानीय स्तर पर बारिश ज्यादा नहीं होती है तो बांध का पानी छोडने जैसी नौबत नहीं बनेगी। विभागीय हवाले से बताया गया है कि करई बांध हाई लेबिल 4.4 फीट है जबकि अभी इसमें कुल 2.5 फीट के लेबिल तक ही पानी उपलब्ध है।

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