22orai03 22orai02उरई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सीधे जुड़े सुरेंद्र मौखरी ने उनकी पत्नी द्वारा सपा के अधिकृत प्रत्याशी के सामने पर्चा दाखिल करने को लेकर कहा कि यह बगावत नही हैं। पार्टी नेतृत्व को गुमराह किया गया है जिससे पार्टी के बाहर की प्रत्याशी अधिकृत हो गई हैं। उन्हें विश्वास है कि स्थिति साफ होने पर पार्टी का नेतृत्व बाहरी प्रत्याशी से पिंड छुड़ाकर उन्हें अधिकृत कर देगा।
सुरेंद्र मौखरी को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पर्चा दाखिली के समय बागी तेवर दिखाने से रोका नही जा सका है। लेकिन सुरेंद्र मौखरी उनकी पत्नी के पर्चा भरने को पार्टी के खिलाफ बगावत मानने के लिए तैयार नही हैं। इस बीच नामांकन के समय जब पत्रकारों ने सपा के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव को घेरा तो उन्होंने सवालों के जबाव में कहा कि जरूरत पड़ी तो अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ पर्चा भरने या अन्य तरह से विरोध करने वालों पर कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है।
हालांकि इंद्रजीत सिंह यादव पत्रकारों के पहुंचने से बाध्य होकर यह कह जरूर गये लेकिन उनके सुर में दमदारी नही अनमनापन था। शायद वे कड़ी और निर्णायक भाषा का इस्तेमाल करने से इसलिए बच रहे थे क्योंकि उन्हें नाम वापसी के समय तक सुरेंद्र को मना लेने का भरोसा है। अभी से कठोर भाषा का इस्तेमाल करके वे इसका रास्ता बंद नही करना चाहते। इंद्रजीत सिंह यादव से वैसे भी सुरेंद्र मौखरी की नजदीकी है क्योंकि वे इंद्रजीत सिंह के वकील बस्ते के जूनियर मेंबर रहे हैं और वकालत के पेशें में सीनियर जूनियर का लिहाज कितना महत्व रखता है यह सब जानते हैं।

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