0 नवजात शिशुओं की माताओं को नहीं मिल रहा है भोजन
0 एसडीएम ने किया सीएचसी कोंच का औचक निरीक्षण
कोंच-उरई। स्वास्थ्य सेवाओं को दिन-ब-दिन बेहतर बनाने के सरकारी दावों के इतर कोंच सीएचसी में महीनों से एक्स-रे नहीं होने के कारण मरीजों को हलकान होना पड़ रहा है और अस्पताल के बाहर प्राईवेट में उन्हें मोटी रकम खर्च कर एक्स-रे करवाना पड़ रहा है। सरकार ने नवजात शिशुओं को जन्म देने बाली माताओं को अस्पतालों में पौष्टिक भोजन देने की व्यवस्था की गई है लेकिन कोंच सीएचसी में सालों से भोजन देने जैसा कोई काम नहीं हो रहा है। हालांकि सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके शुक्ला ने केवल दस दिनों ने व्यवस्था पटरी से उतरना बताया है। यह बातें एसडीएम गोरेलाल शुक्ला द्वारा मंगलवार को सीएचसी कोंच के किये गये औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई हैं।
जिलाधिकारी संदीप कौर के निर्देश पर मंगलवार को एसडीएम कोंच गोरेलाल शुक्ला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोंच का औचक निरीक्षण किया जिसमें कुछ खामियों को छोड़ कमोवेश संतोषजनक स्थिति दिखाई दी। ओपीडी में मरीजों की अच्छी खासी संख्या एसडीएम को मिली, कुछ मरीजों से उन्होंने पर्चे और दवाओं के बाबत पूछा तो कुछ भी असंतोषजनक नहीं मिला। दंत चिकित्सा कक्ष में आज 17 मरीज डॉ. सपना यादव ने देखे, आयुष डॉ. सविता पटेल ने 46 मरीजों का परीक्षण किया था। हालांकि गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के बाद कम से कम 48 घंटे तक अंडर ऑब्जर्वेशन रखने के निर्देश हैं लेकिन बीती रात चार महिलाओं की डिलीवरी हुई और तत्काल ही सभी को छुट्टी दे दी गई। इस बाबत सीएचसी प्रभारी का कहना है कि वह किसी को जबर्दस्ती नहीं रोक सकते। एसडीएम ने दवा वितरण कक्ष, मरहम पट्टी कक्ष सहित लगभग हर विभाग का निरीक्षण किया जिसमें कुछ भी असहज नहीं मिला, अलबत्ता एक्स-रे कक्ष का ताला पड़ा मिला। बताया गया कि एक्स-रे करने बाला टेक्नीशियन केएन राजपूत विगत एक माह से नदारत है जिसके चलते मरीजों के एक्स-रे नहीं हो पा रहे हैं। इधर, प्रसव कक्ष में भी जाकर एसडीएम ने गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों से पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं है, किसी प्रकार के अबैध पैसे की मांग तो नहीं की गई है, इस पर संतोषजनक जबाब मिले। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने बताया कि कुछ कमियों को छोड़ कर लगभग व्यवस्थायें संतोषजनक हैं, चिकित्सकों की कमी है लेकिन किसी तरह व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश अस्पताल स्टाफ करता है। कुत्ता काटे के 40 और सर्पदंश के 8 इंजेक्शन अस्पताल स्टोर में उपलब्ध हैं। तीन कर्मचारी गैरहाजिर मिले जिनको कारण बताओ नोटिस दिये जा रहे हैं।
जरूरत ग्यारह की, हैं कुल तीन डॉक्टर
लगभग एक लाख की आबादी कोंच कस्बे की और इतनी ही आबादी का ग्रामीण इलाका सीएचसी कोंच से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेता है लेकिन चिकित्सकों की भारी कमी के चलते सरकारी स्वास्थ्य सेवायें पटरी से नीचे हैं। कोंच में सीएचसी प्रभारी के अलावा सात विशेषज्ञ और तीन सामान्य डॉक्टरों के पद सृजित हैं लेकिन यहां केवल तीन डॉक्टर ही उपलब्ध हैं जिसमें एक अंडर ट्रांसफर है और केवल दो चिकित्सक पूरा अस्पताल चला रहे हैं। संविदा पर काम करने बाली महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी मित्तल रिजाइन देकर अस्पताल छोड़ चुकी हैं। ऐसी स्थिति में समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि सरकार के स्वास्थ्य सेवायें सुधारने के दावे कितने सही हैं।







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