कोंच-उरई। भगवान कृष्ण के अग्रज हलधर बलराम का प्राकट्य यहां वैदिक मंत्रों के बीच बल्दाऊ मंदिर में हुआ। नगर के विद्वान ब्राह्मणों ने बल्दाऊ भगवान के प्राकट्य से पूर्व धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराये तत्पश्चात् मंदिर के पुजारी उमाशंकर व्यास द्वारा भगवान बलभद्र का अवतरण कराया गया, महिलाओं ने बधाइयां गाईं। बलरामजी के प्राकट्य का दर्शन करने के लिये नगर से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण जुटे थे। इधर, सनातनी घरों में भगवान बल्दाऊ जी का प्राकट्योत्सव हरछठ के रूप में मनाया गया और महिलाओं ने संतान की दीर्घायु के लिये व्रत रखा।
योगेश्वर कृष्ण के अग्रज बलराम को भी बिष्णु का ही अवतार माना गया है, इन्हें मुख्य रूप से बिष्णु के दशावतारों का निरूपण करने बाले प्रस्तर फलकों पर ही उत्कीर्ण किया गया है। वृहत्संहिता उनके एक हाथ में हल प्रदर्शित किये जाने का निर्देश देता है तथा परवर्ती ग्रंथों में द्विभुज एवं चतुर्भुज बलराम का भी निरूपण किया गया है। इनके मस्तक पर आदि शेष के फण प्रदर्शित हैं, अग्नि पुराण के अनुसार इनके हाथों में गदा या मूसल तथा हल प्रदर्शित किया जाना निर्देशित किया गया है, लेकिन कोंच के बल्दाऊ मंदिर में विराजे भगवान बलभद्र के हाथों में मुरली बरबस ही कौतुक उत्पन्न करने बाली है। यहां के जानेमाने मूर्धन्य विद्वान व श्रेष्ठ व्याकरणविद् स्व. पं. रामनाथ चतुर्वेदी ने कई दशक पूर्व उनकी स्तुति प्रतिपादित करते हुये लिखा था-
कृष्णाग्रजो यदुवरो द्विविद प्रहर्ता,
धर्ता हलस्य मुसलस्य प्रलम्ब हंता।
नीलाम्बरो विजयतां बलभद्र एषाः
हलधरं मुरलीधर सोदरं
मुलसपाणि मलं करुणाकरम।।
गल्ला व्यापारियों की नगर की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था श्रीधर्मादा रक्षिणी सभा द्वारा संचालित बल्दाऊ धर्मशाला एवं बल्दाऊ मंदिर में आज भगवान बलराम का प्राकट्योत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। धर्मादा अध्यक्ष केशव बबेले और मंत्री राकेश अग्रवाल ने आवश्यक अनुष्ठान सम्पादित कराये। नगर के विद्वान ब्राह्मणों पं. रमेशचंद्र पटैरया, पं. राघवराम शास्त्री, पं. ज्वालाप्रसाद दीक्षित, पं. लल्लूराम मिश्रा शास्त्री, पं. रामेश्वरदयाल मिश्रा, पं. रामसिया आचार्य, पं. नवनीत मिश्रा शास्त्री आदि द्वारा समस्त अनुष्ठान एवं हवनादि कार्यक्रम सम्पन्न कराये गये। मंदिर के मुख्य मण्डप में मैया रेवती के साथ विराजमान भगवान बलभद्र की विहंगम झांकी का दर्शन करने के लिये नगर से सैकड़ों की संख्या में महिला पुरूष श्रद्धालु जुटे थे। बाद में आरती उतारी गई और प्रसाद वितरित किया गया, महिलाओं ने मंगलगीत गाये। इस दौरान विजय गुप्ता, महेशशंकर लोहिया, विज्ञान विशारद सीरौठिया, ओमशंकर अग्रवाल, रामकुमार अग्रवाल, चंद्रशेखर लोहिया, भास्कर गुप्ता, रमेश तिवारी, जयप्रकाश मुखिया, राजकुमार अग्रवाल, राममोहन रिछारिया, पीयूष गुप्ता, अखिलेश बबेले, अनिल पटैरया, रामसेवक सोहाने, अजय अग्रवाल, संतोष शुक्ला टुईं, महेश गुप्ता लौना, वीरेन्द्र अग्रवाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
कल प्रकटेंगे माखनचोर
भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव 25 अगस्त को धूमधाम के साथ मनाने के लिये तैयारियां जोरों पर हैं। धर्मादा रक्षिणी सभा द्वारा संचालित कल्याणराय मंदिर में मुख्य मंडप को आकर्षक ढंग से अलंकृत किया जा रहा है, सभा अध्यक्ष केशव बबेले व मंत्री राकेश अग्रवाल ने बताया है कि रात्रि ठीक 12 बजे मंदिर में श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव होगा। इसके अलावा स्वर्णकार समाज द्वारा संचालित मुरली मनोहर मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाने की तैयारियां हो रही हैं। राठौर धर्मादा समिति द्वारा संचालित श्रीअवधविहारी लाल जी महाराज के मंदिर में जन्माष्टमी पर्व मनाया जायेगा। इधर, गिर्राज सेवा समिति के तत्वाधान में नईबस्ती स्थित सिद्धेश्वर मंदिर में शाम 5 बजे कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा। उक्ताशय की जानकारी गिर्राज सेवा समिति के दिलीप अग्रवाल ने दी है।
फोटो-कोंच3-(प्रतीक फोटो)







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