उरई। स्कूलों में मिडडे मील रसोइयों की मनमानी छटनी रोकने के नाम पर अधिकारी खोखली बयानबाजी करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं। इस तरह का ताजा मामला महेबा ब्लाॅक के ग्राम सोहरापुर में सामने आया जब प्रधान ने अकारण पुरानी रसोइया को हटा दिया तांकि उसके स्थान पर अपनी मां या चाची को रख सके।
सोहरापुर की हटाई गई रसोइया प्रेमा देवी पत्नी स्व. प्रभुदयाल ने इस नाइंसाफी को लेकर डीएम संदीप कौर के सामने कलेक्टेªट मे रोना रोया। प्रेमा देवी का कहना है कि उसकी कोई कमी नही पाई गई फिर भी प्रधान अरविंद कुमार ने उसे हटाने का प्रस्ताव पंचायत की कार्रवाई में लिख दिया। प्रेमादेवी ने कहा कि उसके पास बड़े परिवार की जिम्मेदारी है। जबकि कोई अन्य जीविका का मजबूत जरिया भी नही है।
प्रेमादेवी ने यह भी ध्यान दिलाया कि हाल ही में सीडीओ ने आदेश जारी किया था कि खंड शिक्षाधिकारी की अनुमति के बिना और बीएसए के अनुमोदन के बिना किसी रसोइया को नही हटाया जा सकेगा। लेकिन सोहरापुर के प्रधान ने इस पर कोई गौर नही किया और उसे हटा दिया। डीएम ने कालपी एसडीएम को जांच के लिए लिखवा दिया।






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