24orai02माधौगढ़-उरई। सरकारी स्कूलों में बच्चे कहां गायब हो रहे हैं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए यह मुददा सिरदर्द का सबब बन गया है। रामपुरा ब्लाॅक के टीहर गांव के प्राइमरी स्कूल में बुधवार को खंड शिक्षाधिकारी रामगोपाल वर्मा के औचक निरीक्षण के समय भी ऐसा ही एक नजारा देखने में आया। इस विद्यालय में 75 बच्चों का एडमीशन है लेकिन मौके पर खंड शिक्षाधिकारी को केवल 29 बच्चे ही मिल सके।
बच्चे तो बच्चे सरकारी स्कूलों में गुरूजी भी लापता हुए जा रहे हैं। टीहर के इस स्कूल में प्रधानाध्यापक वैदेहीशरण के साथ सहायक अध्यापक मंगल सिंह की भी कागजों में तैनाती है। उन्हें सितंबर 2015 में इस स्कूल में पदस्थ किया गया था लेकिन तब से अभी तक मंगल सिंह ने हाजिरी रजिस्टर में केवल दो बार हस्ताक्षर किये हैं। मंगल सिंह कौन सी ऐसी जिम्मेदारी संभाल रहे है जिसकी वजह से उन्हें स्कूल आना जरूरी नही लगता या उनके साथ कोई अनहोनी हो गई है दोनों में से जो भी हो लेकिन ख्ंाड शिक्षाधिकारी समेत पूरे बेसिक शिक्षा विभाग के लिए शिक्षकों का इस तरह गुम हो जाना फिक्र का कारण होना चाहिए।
खंड शिक्षाधिकारी ने बच्चों का टेस्ट लिया। पांचवीं कक्षा में 15 छात्र पंजीकृत है जबकि केवल पांच मौजूद थे। इनमे ंसे कोई बच्चा प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तो दूर अपने हैडमास्टर तक का नाम नही बता पाये। इतने होनहार बच्चों का भविष्य क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि इतनी गंभीर स्थिति सामने आने के बावजूद खंड शिक्षाधिकारी द्वारा किसी के खिलाफ कोई एक्शन लेने की जानकारी अभी नही मिली।

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