IMG-20160826-WA0097रामपुरा-उरई। स्थानीय कृषि बीज भंडार के गोदाम प्रभारी लगता है कि किसी बड़े संकट में हैं जिसके चलते वे सप्ताह में एक-दो बार ही छिपते-छुपाते ड्यूटी पर आ पाते हैं। जिले की डीएम और कप्तान को ऐसे कर्मचारियों से हमदर्दी होना चाहिए चूंकि वे उनके संरक्षक हैं। कहीं गोदाम प्रभारी के साथ कोई अनहोनी हो गई तो उन्हें इस नाते बड़े ग्लानी महसूस होगी।
कृषि बीज भंडार में प्रभारी के रूप में गिरेंद्र शर्मा की तैनाती है। वे तनख्वाह तो पूरे महीने की लेते हैं लेकिन गोदाम में उनका आना सप्ताह में एक-दो बार ही हो पाता है। शर्मा जी बड़े भले आदमी हैं इसलिए यह तो हो नही सकता कि पूरे महीने का वेतन लेकर सात-आठ दिन ही नौकरी करें। निश्चित रूप से शर्मा जी को गोदाम के आस-पास कोई ऐसा बड़ा संकट है जिसके कारण उन्हें निष्ठावान कर्मचारी होते हुए भी काम चोरी अपनी जान बचाने के लिए करनी पड़ रही है। डीएम साहिबा जिले के सभी विभागों की संरक्षक होने के नाते मुसीबत में घिरे गोदाम प्रभारी जी को बुलाकर उनकी तकलीफ पूंछे तांकि वे पूरे दिन ड्यूटी पर आने का साहस जुटा सकें।
दिक्कत यह है कि किसान जागरूकता न होने की वजह से शर्मा जी की मुसीबत की परवाह नही कर रहे और केवल अपनी समस्या का रोना रो रहे हैं। नरौल, निनावली, कुसेपुरा, सिद्धपुरा आदि गांवों के रामबिहारी, हरिदास, शाहिद, सुल्तान जैसे नादान किसानों की शिकायत है कि गोदाम प्रभारी के नदारत रहने से न तो उन्हें दवा मिल पा रही है और न अन्य जानकारी। मुफ्त की तनख्वाह लेने वाले ऐसे गोदाम प्रभारी को निलंबित किया जाये। भगवान इन निर्बुद्धियों का भला करे लेकिन डीएम साहिबा को जरूर ही शर्मा जी को राहत देने के लिए कोई एक्शन लेना चाहिए।

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