उरई। अपने भस्मासुरों के कारण विधानसभा चुनाव के मौके पर मुसीबत में फंसे समाजवादी पार्टी के हाईकमान को जिला पंचायत अध्यक्ष पद की पार्टी प्रत्याशी आसना खातून के सफल न होने पर सामने आने वाले जोखिम के अंदेशे से बेचैन होना पड़ रहा है। पार्टी हाईकमान तक यह खबर पहुंच चुकी है कि आसना खातून की नाकामयाबी का मतलब होगा पूरे बुंदेलखंड में मुसलिम वोटों का समाजवादी पार्टी से मुंह मोड़ लेना। समाजवादी पार्टी हाईकमान को यह कीमत चुकाना कतई गंवारा नही है। क्योंकि पार्टी हाईकमान ने इस इलाके को हाल में अपने सबसे मजबूत गढ़ के रूप में तराशा है।
समाजवादी पार्टी हाईकमान के लिए सबसे ज्यादा खतरा निर्दलीय प्रत्याशी सुमन निरंजन से महसूस हो रहा है। पार्टी हाईकमान इस बात से अवगत हो चुका है कि सुमन निरंजन की प्रत्याशिता का जाल पार्टी के ही क्षेत्रीय सूबेदारों ने भस्मासुर बनकर उसे नीचा दिखाने के लिए बुना है। अगर इसमें वे कामयाब होते हैं तो बुंदेलखंड भर में मुसलिम वोटों के नुकसान के साथ-साथ पार्टी हाईकमान की हनक प्रदेश भर में तार-तार हो जायेगी। जिससे कई और लोग चुनावी बेला में हाईकमान के खिलाफ सिर उठाने की प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं।
इसलिए हाईकमान का गरौठा विधायक दीपनारायण यादव को स्पष्ट मैसेज आ गया है कि किसी भी कीमत पर आसना खातून को जीतना चाहिए। इस बीच प्रदेश प्रभारी और लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव को क्षेत्रीय सूबेदारों को कड़ा संदेश भेजने का जिम्मा दे दिया गया है। प्रेक्षक इस आधार पर कह रहे है कि आज रात तक इसके चलते जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की स्थिति काफी हद तक पलट सकती है।






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