28orai03उरई। उत्तराखंड में हुई 15वीं स्टेट ओपन रायफल शूटिंग चैम्पियनशिप में स्थानीय रामजी लाल पाण्डेय शिक्षा एंव जन कल्याण समिति के खिलाड़ियों ने सात मैडल जीतकर बुंदेलखंड और जालौन जिले का जोरदार परचम लहराया।
20 अगस्त से 26 अगस्त तक देहरादून की जसपाल राणा शूटिंग रेंज में चली रायफल शूटिंग चैम्पियनशिप में डंका बचाने के बाद लौटे रामजी लाल पाण्डेय बालिका इंटर काॅलेज के कोच दीपक पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय समिति के सात खिलाड़ियों ने खेल इंडिया से संबद्ध होकर इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। जिसमें बालिका वर्ग में डाॅली राजपूत व प्रज्जवल द्विवेदी ने 10 मीटर प्रोन रायफल महिला, हर्षिता पाण्डेय ने 50 मीटर .22 रायफल व 10 मीटर एयर रायफल शूटिंग मुकाबले में भाग लिया। उधर बालक वर्ग में गौरव द्विवेदी, दीप मिश्रा और अनादि पाण्डेय ने 50 मीटर .22 थ्री प्री पोजीशन रायफल शूटिंग व 10 मीटर एयर रायफल पुरुष प्रतियोगिता में जौहर दिखाया। स्वयं कोंच दीपक पाण्डेय ने 12 बोर ट्रेप (स्कीट) सीनियर पुरुष में प्रतिभाग किया।
इसमें बालिका वर्ग में हर्षिता पाण्डेय ने 300 में 258 अंक प्राप्त कर गोल्ड में निशाना साध जीवी मावलंकर नेशनल गेम्स में जगह बनाई। वहीं कोंच दीपक पाण्डेय ने 12 बोर ट्रेप शूटिंग में 50 में 34 अंक प्राप्त कर जीवी मावलंकर नेशनल गेम्स में जगह बनाई। वहीं बालक वर्ग में दीपक पाण्डेय, गौरव द्विवेदी और अनादि ने एक प्रतियोगिता में रजत पदक जीता और एक और प्रतियोगिता में अनादि पाण्डेय, गौरव द्विवेदी और दीप मिश्रा ने कांस्य पदक जीतकर बुंदेलखंड का नाम रोशन किया।
उत्तराखंड के राज्यपाल केके पाॅल और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खिलाड़ियों को मेडल पहनाये। इस अवसर पर खेल इंडिया के नेशनल कोंच भगत सिंह, ट्रस्टी योगेंद्र डांगी, दीपक चैधरी, दीपक तोमर, जसपाल राणा शूटिंग रेंज के चेयरमैन व पूर्व खेलमंत्री नारायण सिंह राणा और उत्तराखंड राज्य रायफल संघ के सचिव सुभाष राणा और गूगल बाॅय के नाम से मशहूर कौटिल्य पंडित उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश में कोई शूटिंग रेंज नही
उत्तराखंड से मैडल लौटकर लौटे गौरव द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश रायफल एसोसिएशन यहां के निशानेबाजों का कोई सपोट नही करता। पूरे उत्तर प्रदेश में कोई शूटिंग रेंज नही है। उत्तर प्रदेश रायफल एसोसिएशन को शूटिंग मुकाबले के लिए दिल्ली में किराये की रेंज की व्यवस्था करनी होती है। विडंबना यह भी है कि अपराधियों के गन, पिस्टल लाइसेंस तो आसानी से बन जाते हैं लेकिन शूटिंग खिलाड़ियों को लाइसेंस नही मिल पाता। इसके चलते शूटिंग मुकाबलों में प्रतिभाग के लिए खिलाड़ियों को पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से रायफल की व्यवस्था करनी पड़ती है।

Leave a comment