जालौन। बरसात के मौसम में पशुओं को रोगों से बचाने के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों को आवश्यक टिप्स दिए। इसके साथ ही बताया कि आगामी 15 सितंबर से प्रत्येक गांव में खुरपका एवं मुंहपका रोग से बचाने के लिए पशुओं को टीके लगाए जाऐंगे।
स्थानीय पशु चिकित्सालय में तैनात उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दुष्यंत सिंह यादव ने पशु पालकों को जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में पशुओं को रोगों से बचाने के लिए सर्वप्रथम तो अपने पशुओं को कड़ी धूप में बाहर न निकालें। इसके अलावा पशुओं को गड्ढों में भरा गंदा व गर्म पानी न पिलाऐं। पशुओं को सुबह, शाम ही ताजा पानी पिलाऐं। पशुओं चारा सीधा काटकर न खिलाऐं। पहले चारे को धो लें अथवा अच्छी तरह से हिला लें। जिससे चारे के सड़े-गड़े पत्ते अथवा कीड़े मकोड़े हट जाऐंगे। इसके बाद ही पशुओं को चारा खिलाऐं। इसके बाद भी यदि पशुओं को कोई समस्या आती है, तो उन्हें पशु चिकित्सालय लाकर दिखाऐं। इसके अलावा ध्यान रखें कि इस मौसम में किसी पशु की मौत हो जाती है, तो उसे खुला न छोड़े बल्कि एक गड्ढा बनाकर उसमें मृत पशु को दफना दें। जिससे संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना न रहे। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि आगामी 15 सितंबर से ब्लाॅक क्षेत्र के सभी गांवों में पशुओं को खुरपका एवं मुंहपका रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।






Leave a comment