उरई। डाॅयट में कट आॅफ सूची को लेकर हुए बबाल का ठीकरा इसके असल सूत्रधार प्रधानाचार्य मुन्नीलाल वर्मा ने अपने पटल सहायक पर फोड़ दिया और खुद बच निकले। जबकि दूसरे दिन शनिवार को भी छात्रों के गुस्से के कारण जिले में शान्ति व्यवस्था प्रभावित रही। आक्रोशित छात्रों की भीड़ डीएम के बंगले में जा घुसी हालांकि गनीमत यह रही कि कहीं कोई अप्रिय घटना नही हुई।
राजकीय इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य मुन्नी लाल वर्मा काफी समय पहले जिले में ही मकान बनवाकर यहीं के निवासी बन चुके हैं। स्थानीय होने का लाभ उठाकर वे किसी भी भूमिका में हों मनमानी से बाज नही आते। इस कारण वे बार-बार विवादों के घेरे में आ जाते हैं।
मुन्नी लाल वर्मा की आम शोहरत खराब होने के बावजूद उन्हें डायट प्रधानाचार्य का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाना अदूरदर्शिता ही कही जायेगी। हठधर्मिता और मनमानी के स्वभाव की वजह से एक सप्ताह से वे छात्रों को काॅलेज आवंटन की सूची जारी करने के मामले में चक्कर कटवा रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने अंतिम समय मांगा था लेकिन ढिठाई की इंतहा करते हुए वे इस दिन पिण्डारी पहुंचे ही नही। छात्रों को इस तरह मूर्ख बनाये जाने पर गुस्सा आ गया। छात्रों ने पिण्डारी में डाॅयट भवन के कांच के शीशे पथराव कर तोड़ दिये और एनएच पर जाम लगा दिया। इस बीच मुन्नी लाल ने डायट में फोन करके कटआॅफ सूची हड़बड़ी में चस्पा करा दी जिसमें गलतियों की भरमार थी। इससे छात्रों में और तेज गुस्सा फैल गया।
शनिवार को छात्रों ने एक बार फिर पिण्डारी के सामने एनएच पर जाम लगाया। इसके बाद छात्रों ने जिला मुख्यालय आकर डीएम के बंगले पर बबाल काटने की कोशिश की। मामला तूल पकड़ने से अपने पर आंच आते देख मुन्नी लाल वर्मा ने षड़यंत्रकारी पैतरा अख्तियार किया और सारी गलती पटल सहायक के मत्थे मढ़कर उसे निलंबित करा दिया और अपना दामन बचा लिया।
इस बीच उनसे वार्ता के आधार पर डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट मोइनुल इसलाम के अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति कट आॅफ मेरिट का स्वच्छ तरीके से निर्धारण कर 14 सितंबर को इसकी सूची प्रकाशित कर देगी। डायट के प्रधानाचार्य मुन्नीलाल वर्मा ने छात्रों से कहा है कि वे 14 सितंबर को पिण्डारी आकर सूची का अवलोकन कर लें। किसी तरह का संदेह होने पर वे उनसे संपर्क कर सकते हैं।






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