0 चिकुनगुनिया, डेेंगू जैसी बीमारियों ने पसारे पैर
0 ग्रामीणजन हुये बेहाल, जोड़ो में दिखाई दिया दर्द
14-konch-03कोंच-उरई। कोंच तहसील के ग्राम लौना में भी बीमारियों ने दशतक देना शुरु कर दिया है मालूम हो कि गाॅव में युवा बुजुर्ग नौनिहाल महिलाओं को बुखार किसी ंको भी नहीं बख्शा साथ विद्यालयों में भी छात्र संख्या कम दिखाई पड़ रही है। जिनमें से प्रत्येक घर से 3 से चार सदस्यों को चिकुनगुनिया डेंगू जैसी बीमारियों ने अपनी चपेट में ले लिया है इतना ही नहीं। घर के लोग काम करने कें अलावा खाना खाने को भी मोहताज दिखाई पड़ रहे है 14 सौ की आबादी में से 6 सौ से 7 सौ लौग इस भयंकर चिकुनगुनिया जैसी बीमारी की चपेट मंे आ चुके है। जब हमारी टीम ग्राम लौना पहुॅची तो गाॅव में घुसते ही सभी ने अपने अपने दुख दर्द सुनाना प्रारम्भ कर दिये कि प्राईवेट डाॅक्टरो से भी आराम नहीं मिल रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को 500 से 1000 तक की दवा एक ही बार में मिलती है यदि घर में 5 सदस्य है तो 5 हजार रुपयें तक का भुगतान करना पड़ता है और फिर दो या तीन दिन बाद चिकुनगुनिया डेंगू का बुखार दोबारा अपनी चपेट में ले लेता है। गांव के ही बृजकिशोर कुशवाहा देवेन्द्र कुशवाहा संध्या कुशवाहा उमाशंकर कुशवाहा उजाला चतुर सिंह पटेल विनीत पटेल कुन्दन पटेल भगवानदास पुत्र जगन्नाथ गुंजन देवी पत्नी भगवानदास रामकुमार पटेल नीरज शुक्ला कृष्ण अहिरवार दामोदर पटेल राजकुमार पटेल सुशील प्रजापति लालजी प्रजापति चन्दगोपाल आचार्य भोलाराम जाटव रुद्रप्रताप निरंजन सीताराम याज्ञिक आशाक कुमार बप्पू लाखन पटेल जगत निरंजन रामजी प्रजापति बुद्ध सिंह जाटव बन्टे आहिरवार संजू जाटव श्यामलता निरंजन रमेश प्रजापति राधा किशुन प्रजापति रामशंकर कुशवाहा रामनरेश विश्वकर्मा लक्ष्मीकांत तिवारी आशोक कुशवाहा कोटेदार देवेन्द्र दद्दा सोनू पटेल के अलावा कई सैकड़ो लोग चिकुनगुनिया व डेगू के बुखार की चपेट में आ चुके है। लोगो ने बताया कि कोंच में प्राईवेट डाॅक्टर मरीजो को दूध देती गाय समझकर जमकर उगाई कर रहे है। अगर समय रहते डाॅक्टरों की टीम ग्राम लौना नहीं पहुूॅची तो कुछ भी अनर्थ हो सकता है। डाॅक्टरों की टीम के न आने से लोगो में गुस्सा फूटता नजर आ रहा था।
इस बीमारी में बली का बकरा बने नौनिहाल
इस बीमारी ने युवा बुजुर्गाें महिलाओं को अपनी चपेट में लिया सो लिया लेकिन 4 माह का बच्चा भी इस बीमारी की चपेट में आ गया है ग्राम लौना में कुन्दन पुत्र प्रताप निरंजन का पुत्र युवराज जो कि मात्र 4 माह का है जिसको माँ के दूध के अलावा कुछ भी नजर नहीं आता लेकिन इस बीमारी ने उसे भी नहीं बख्शा। इतना ही नहीं उजाला कशिश राधा शिवम् सुमित जो किक मो 2 से 3 वर्ष की उम्र की बीच में है भी चिकुनगुनिया की चपेट में है।
क्या कहते है सी.एम.ओ.
जब इस मामले में मुख्यचिकित्साधिकारी आशोक कुमार से बात की तो उन्होंने कहा है कि ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं था तो शीघ्र चिकित्साधिकाधीक्षक डाॅ. आर.के. शुक्ला द्वारा टीम शीघ्र ग्राम लौना में होगी जो घर-घर जाकर लोगो से रुबरु होगी।

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