उरई। गत् 4 सितंबर को बंगरा बस स्टैण्ड पर बस से उतरी लहार मध्य प्रदेश निवासी युवती को सरे बाजार खीचकर उसके साथ अनहोनी की कोशिश करने वाले शोहदों पर प्रभावी कार्रवाई नही हो रही, जिससे गुस्साये महिला संगठनों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस विरोधी नारे लगाते हुए बाद में एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शशि चैहान और ग्रीन संगठन की नेता सुमन गोस्वामी ने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रति सरकार बेहद संवेदनशीलता दिखा रही है लेकिन पुलिस का रवैया अभी भी ढाक के तीन पात की तरह बदलने पर नही आ रहा। उन्होनंे बताया कि बंगरा में व्यस्ततम् बस स्टैण्ड क्षेत्र में महिला के साथ जोर जबर्दस्ती करके दुस्साहसी शोहदों ने सारी मर्यादायें लांघ डाली। होना तो यह चाहिये था कि पुलिस इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए संगीन धाराओं में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भिजवाती जिससे दूसरे लोगों को भी कड़ा सबक मिलता।
लेकिन पुलिस आरोपियों के साथ नरम व्यवहार कर रही है। उनके खिलाफ केवल 354 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें भी गिरफ्तारी की कोशिश नही की जा रही है और न ही पीड़िता के कलमबंद बयान कराये जा रहे हैं। पुलिस के रवैये से महिलाओं की अस्मत को रौंदने की कोशिश करने वालों का मनोबल बढ़ रहा है जो समाज के लिए बेहद अशुभ संकेत है।
उधर इस बारे में जब माधौगढ़ थानाध्यक्ष मनोज यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण के विवेचनाधिकारी को वाॅयरल हो गया हैं जिसके कारण वे पीड़िता के कलमबंद बयान नही करा पाये हैं। उन्होंने यह भी आरोप जड़ा कि पीड़िता झूठा मामला लोगों से पैसा वसूली के लिए बना रही है। जिसके उनके पास पुख्ता प्रमाण हैं।







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