14orai06उरई। विधानसभा चुनाव की मतदाता सूचियों के पुनर्रीक्षण के लिए एक बार फिर से अभियान गुरुवार से छेड़ा जा रहा है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम संदीप कौर ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जिसमें उन्हें जनपद के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियां सौंपकर कहा कि वे अपने-अपने बूथ लेविल एजेंटों के माध्यम् से इनका अवलोकन कराकर दाव आपत्तियां दाखिल करायें। 31 अक्टूबर तक का समय इसके लिए निर्धारित किया गया है। मकसद है कि मतदाता सूची पूरी तरह दुरुस्त हों। लेकिन चुनाव आयोग के निर्देश पर डीएम द्वारा की गई इस पेशकश के चलते राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों में अपने संगठन की पोल खुल जाने का खौफ देखा गया। समस्या यह है कि राजनैतिक दल अपने पार्टी संगठन के फैलाव को लेकर दावे चाहे जो करें लेकिन असलियत यह है कि प्रत्येक बूथ पर प्रतिनिधि नियुक्त करने में विरली पार्टी की सक्षम है।
डीएम ने बताया कि दांवे आपत्तियां स्वीकार करने के लिए बूथ स्तर पर 18 सितंबर, 25 सितंबर, 9 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को विशेष आयोजन होंगे। सरकारी बीएलओ के पास अपने बूथ की मतदाता सूची होगी। जिसका अवलोकन राजनीतिक दलों के बीएलए को कराया जायेगा। इस आधार पर वे दावें आपत्ति प्रस्तुत करेगें। डीएम ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने जिले भर के बीएलए की लिस्ट उन्हें दें दें। मतदाता सूची में भाग संख्या बदल गई है जिसके आधार पर सूचना देकर नाम बढ़वाये जा सकते हैं। हालांकि ज्यादातर राजनैतिक दलों का संगठन हवा-हवाई है जिसकी वजह से डीएम की पेशकश के बाद वे बगले झांकने लगे।
बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चै. श्याम सुंदर, बसपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शिरोमणि, उरई सदर, जालौन और कालपी के एसडीएम व सहायक निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र कुमार उपस्थित रहे।
डीएम ने स्मरण दिलाया कि विधानसभा की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 2 जनवरी को कर दिया जायेगा। उधर स्थानीय निकाय व पंचायतों की मतदाता सूचियों का सत्यापन 20 सितंबर से शुरू किया जायेगा जो 16 नवबंर तक चलेगा।

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