16orai01उरई। जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव के बाद शुक्रवार को बोर्ड की पहली बैठक आयोजित हुई जिसमें संचालन समिति मुख्यतौर पर निशाने पर रही। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव और एएमए आरएस यादव के बीच कई मुददों पर तींखी बहस भी चर्चा का विषय रही। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की पराजित प्रत्याशी आसना खातून खुद तो बैठक में नही आई लेकिन उनके प्रतिनिधि के तौर पर उनके भाई अजहर बेग मौजूद थे। इसी तरह नम्रता दीक्षित का प्रतिनिधित्व बैठक में सुदामा दीक्षित ने किया। जबकि इच्छाराजे गुर्जर और संध्या मौखरी ने खुद उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
बैठक की शुरूआत में ही शिशुपाल यादव और एएमए आरएस यादव में एजेंडे को लेकर तकरार हो गई। शिशुपाल ने कहा कि सदस्यों को बैठक का एजेंडा पहले से उपलब्ध होना चाहिए। इस पर एएमए ने कहा कि वे पांच दिन पहले ही एजेंडा सदस्यों को पहुंचा चुके थे। लेकिन शिशुपाल इससे संतुष्ट नही हुए। उन्होंने कहा कि 10 दिन पहले एजेंडा सदस्यों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।
बसपा के सदस्य रविंद्र प्रताप सिंह हरौली भी अध्यक्ष सुमन निरंजन के चुनाव में प्रस्तावक होने की वजह से किंग मेकर के आत्मविश्वास के साथ बैठक में बेहद सक्रिय और मुखर रहे। उन्होंने संचालन समिति के समय हुए कार्यों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने संचालन समिति के कार्यकाल में ट्रैक्टर और टैंकरों के क्रय में किये गये घपले की जांच का प्रस्ताव रखा। इसी तरह संचालन समिति के समय ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन में कथित तौर पर की गई धांधली पर भी उन्होंने सवाल उठाये। शिशुपाल सिंह ने उनका साथ देते हुए एएमए से पूंछा कि जिन ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन किया गया क्या उनका वेरीफिकेशन कराया गया था। उनके सवाल पर डिफेंसिव हुए एएमए ने कहा कि चूंकि संचालन समिति ने जिनके नाम रजिस्ट्रेशन के लिए संस्तुत किये उनके रजिस्ट्रेशन कर दिये गये। इसलिए वेरीफिकेशन नही हो सका। शिशुपाल ने अध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप इस प्रकरण की जांच करायें। संचालन समिति के समय हुए निर्माण कार्यों की जांच का भी प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
संचालन समिति पर हो रहे ताबड़तोड़ वार के दौरान इसके सदस्य रहे दीपराज गुर्जर, राधा अनुरागी और धर्मेंद्र जौराखेरा मौजूद थे। लेकिन किसी ने आक्षेपों का प्रतिवाद करना जरूरी नही समझा। रविंद्र हरौली ने कहा कि पीडब्लूडी जिला पंचायत का नोडल विभाग है जब निर्माण कार्याें में पीडब्लूडी के ही नियम यहां लागू होते है तो ठेकेदारों से स्टांप पर एग्रीमेंट के पीडब्लूडी के जिला पंचायत में पालन क्यों नही हो रहा। एएमए ने कहा कि मेरे पास इसका कोई शासनादेश नही है इसलिए वे स्टांप पर एग्रीमेंट कराने की कोई जरूरत नही समझते। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता ने एएमए से कहा कि वे कल आपको इस बावत शासनादेश की प्रति उपलब्ध करा देंगे। लेकिन एएमए ने फिर भी हामी भरने की बजाय कहा कि आप की प्रति शासन को भेजकर मैं मार्गदर्शन लूंगा वहां से जो निर्देश मिलेगा उसी का पालन किया जायेगा। हालांकि एएमए एक बार उस समय भी बचाव की मुद्रा में आ गये जब शिशुपाल ने उनसे कहा कि आपने कहा था कि संचालन समिति को बैठक बुलाने और बजट पारित करने का अधिकार है। क्या वास्तव में यह अधिकार है। इस पर एएमए ने हाथ जोड़कर कहा कि आपकों गलत फहमी हुई है, मैने ऐसा कुछ नही कहा।
जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम, परियोजना निदेशक गमपाल सिंह, परियोजना अधिकारी चित्रसेन सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रदीप पाण्डेय, लघु सिचाई के सहायक अभियंता राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

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