03orai01 03orai02उरई। पुलिस की मिलीभगत हो या काहिली, जिसकी वजह से कस्बा रामपुरा में शातिरों का निरकुंश कहर दुकानदारों पर टूट रहा है। बीती रात इन लोगों ने तीन दुकानदारों को चपत लगा दी। हालांकि हफ्तों पहले से दुकानदारों के साथ घात की कोई न कोई वारदात जारी है। लेकिन पुलिस सूचना मिलने के बाद भी अराजक तत्वों का सुराग लगाने में कारगर नही हो सकी है। सर्दी के मौसम के पहले ही हालात संगीन हो गये है तो सर्दी के दिनों में जब लोगों के शाम से ही लिहाफ में दुबक जाने से सन्नाटा होने लगेगा तो दुकानदारों सहित जनजीवन पर क्या बीतेगी यह सोचकर यहां के लोगों की फिक्र बढ़ती जा रही है।
रामपुरा कस्बे में इन दिनों शातिरों का साम्राज्य है। थाने के नजदीक चोरी और टप्पेबाजी जैसी घटनायें हो रही हैं। फिर भी खाकी को उसका जमीर इनकों पकड़ने के लिए नही ललकार रहा। बीती रात थाने से केवल तीन सौ मीटर दूर राजा मार्केट में तीन दुकानदारों को चोरों की मार झेलनी पड़ी।
भगवान दास की किराने की दुकान का शटर तोड़कर चोर उनकी गोलक से लगभग साढ़े चार हजार रुपये नगद उठा ले गये। खास बात यह है कि यहां सक्रिय शातिर केवल कैश को हाथ लगाते हैं, काइंड में उनकी कोई दिलचस्पी नही है। रामप्रकाश महूटा वालों की भी किराने की दुकान है जिसमें शातिरों ने इसी तर्ज पर साढ़े तीन हजार रुपये उनके तड़ दिये। उन्होंने घात तो गुलाब सिंह की दुकान पर भी लगाई लेकिन शटर न टूट पाने से यहां उनके मंसूबे नाकामयाब हो गये।
रात में ही नही शातिरों को दिन में भी अपनी कारगुजारी को अंजाम देने में कोई खौफ खाकी के लचर होने की वजह से महसूस नही होता। रविवार को दिन में दीपक शिवहरे इसी के चलते लुट गये। उनकी दुकान पर एक शातिर आया और उसने बेसन मांगा। शायद उसे पहले से पता था कि दीपक बेसन दुकान के अंदर रखते हैं इसलिए दीपक भीतर चले गये। हालांकि पहली बार में दीपक के जल्दी बेसन लेकर आ जाने से उसकी कोशिशें कामयाब नही हो पाईं तो चकमा देने के लिए उसने और ज्यादा बेसन की डिमांड कर दी। नतीजतन दीपक दोबारा दुकान के अंदर गये और तब तक शातिर ने तेजी से उनकी गोलक से रुपये निकाले और हवा हो गया। दीपक ने लौटने पर माथा पीट लिया। गणेश मिठाई वाले के साथ भी ऐसी ही गुजरी। उन्हें लगभग ढाई हजार रुपये की चपत झेलनी पड़ी।
एक महीने पहले शैलेश गुप्ता के साथ भी इसी तरह की चकमेबाजी हुई थी। इसके अलावा भी कई लोग कुछ हफ्तों से इसी तरह की घटनाओं ंके भुक्तभोगी हो चुके हैं। जिसकी फरियाद थाने में की गई लेकिन पुलिस चिकनी-चुपड़ी बातों से लोगों को बहलाने के अलावा कुछ नही कर सकी। इस कारण गत् रात हुई वारदातों के बाद दुकानदारों में पुलिस के रवैये को लेकर जबर्दस्त क्षोभ था। लोगों का मूड भांपकर पुलिस ने एक्शन लेने का स्वांग किया। थानाध्यक्ष मौके पर आये लेकिन तफ्तीश के रिजल्ट के नाम पर बात वही ढांक के तीन पात की रही।

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