13orai02उरई। इंदौर में इप्टा के राष्ट्रीय सम्मेलन में भगवा बिग्रेड द्वारा किये गये उपद्रव के विरोध में कलाकारों, साहित्यकारों, लेखकों और पत्रकारों ने गुरुवार को प्रतिरोध दिवस के तहत गांधी चबूतरे पर सभा आयोजित की। जिसमें असहमति को कुचलने के लिए गुंडागर्दी और हिंसक तरीकों पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए लोकतंत्र को बचाने के लिए इन कार्रवाईयों का दृढ़ प्रतिरोध करने का संकल्प जताया गया। सभा की अध्यक्षता काॅ. कैलाश पाठक ने की।
इसके पहले आज सुबह इप्टा के अध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, प्रलेस अध्यक्ष डाॅ. रामाधीन, इप्टा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य डाॅ. सतीश चंद्र शर्मा, पत्रकार सुरेश खरकया आदि ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। जिसमें उनसे इंदौर की घटना सहित सृजनधर्मियों और पत्रकारों के खिलाफ हाल में हुई साजिश की घटनाओं को संज्ञान में लेकर लोकतंत्र को बचाने की अपील की गई।
गांधी चबूतरे पर आयोजित सभा में डाॅ. रामाधीन, देवेंद्र शुक्ला, अनिल शर्मा, रामकृष्ण शुक्ला, सुधीर अवस्थी, जाकिर आजमी, डाॅ. सतीश चंद्र शर्मा, धनीराम, राज पप्पन, धर्मेंद्र कुमार, रक्षा अवस्थी, रेहान सिददीकी, मिर्जा साबिर बेग, अमजद, आमीन खां आदि ने विचार प्रकट किये। सभी वक्ताओं ने देश भक्ति की आड़ में अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने और सामाजिक उपनिवेशवाद की टूटती व्यवस्था की फिर से बहाली का षड़यंत्र रचने के लिए फासी संगठनों को चेतावनी दी कि अगर उनके मंसूबे कामयाब हुए तो देश की अखंडता और स्वतंत्रता एक बार फिर खतरे में पड़ जायेगी।

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