उरई। भले ही न्याय को विलंबित होने से रोकने के लिए तारीख में चूंक कर जाने वाले पक्षकारों के लिए अदालतें बहुत सख्त हो गई हों लेकिन जहां तक जजों के अवकाश का सवाल है अगर किसी त्यौहार के लिए उनके निर्धारित अवकाश के दिन रविवार की छुटटी पड़ रही हो तो उन्हें किसी एक और दिन अवकाश की सुविधा प्रदान करने का अनूठा दस्तूर चला दिया गया है। भले ही यह परंपरा जाने-अनजाने में न्याय को विलंबित करने की भूमिका अदा करने लगी हो।
इसी कड़ी में जिला न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारी की विज्ञप्ति में बताया गया है कि 30 अक्टूबर को इस बार दीपावली पड़ रही है जबकि इस दिन रविवार भी है। इसलिए दीपावली अवकाश को सुरक्षित करते हुए इसका लाभ जजों को देने हेतु 1 नवंबर को भी उनके लिए अवकाश निर्धारित कर दिया गया है।
इसी तरह 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे के दिन भी इस बार रविवार का अवकाश है। इसे देखते हुए इस अवकाश का लाभ जजों को 14 नवंबर के दिन नया अवकाश निर्धारित कर देने की व्यवस्था कर दी गई है।







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