पुखराया। अंकल बस मेरे पापा से मिला दो। न जाने वे कहां है। कुछ इसी प्रकार एक लड़की आखों में आंसू लेकर अपने पापा को खोज रही थी। लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा था। वह कभी इधर भाग रही थी तो कभी उधर।
मऊ में रहने वाली रुबी नाम की लड़की की 1 दिसम्बर को शादी थी। जिसकी तैयारी के लिये वह इन्दौर से अपने पिता व भाई बहनों और चाचा-चाची के साथ ट्रेन 19321 इंदौर पटना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-1 में सफर कर रही थी। रोते-बिलखते हुए रुबी ने बताया कि सफर के दौरान सभी खुश नजर आ रहे थे। शादी की बात करते हुये एक दूसरे को जिम्मेदारी सौंपने की चर्चा हा रही थी। चर्चा होते-होते सभी सो गे। तभी अचानक सभी एक दूसरे पर गिरने लगे। जिससे कोच में चीख-पुकार मच गई। देखा तो ट्रेन के कोच पटरी से उतरे पड़े हुए थे। पटरी उखड़ी पड़ी हुई थी। किसी प्रकार सभी कोच से कूदकर भागने लगे जिससे उनकी जान बच सके। उसके पिता राम प्रसाद न जाने कहां खो गये है। उसके पिता का कोई सुराग नही लग रहा है। अशंका जताई जा रही है कहीं वे किसी हादसे के शिकार न हो गये है। फिलहाल कोई तो उसके पिता का सुराग लगाकर पता दो। story

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