उरई। पवित्र रक्तदंतिका मंदिर के नीचे अंतिम संस्कार के लिए बहाये गये शवों के अवशेष वीभत्स दृश्य उत्पन्न कर रहे हैं जिससे श्रद्धालुओं और साधकों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
रक्तदंतिका मंदिर ग्राम पंचायत सैदनगर के नजदीक बेतवा की पहाड़ियों में स्थित है। यहां प्राकृतिक तौर पर बेहद मनोरम वातावरण रहता है जिसकी वजह से साधकों को ध्यान जैसी क्रियाओं व दार्शनिक चितंन के लिए यह अलौकिक स्थान की तरह आकर्षित करता रहा है। लेकिन अब इस स्थान की पवित्रता और रमणीयता खतरे में है।
मंदिर के वृद्ध पुजारी की तमाम चैकसी के बावजूद यहां आसपास के गांवों के लोग मंदिर के ठीक किनारे जल प्रवाह के लिए शव फेकने से बाज नही आ रहे। ये शव पानी की गहराई में डाले जाने की बजाय किनारे पर ही छोड़ दिये जाते हैं जिससे इनके क्षत-विक्षत अवशेष वहां बिखरे रहते हैं जिनसे विचलित करने वाला दृश्य बन जाता है। शवों की दुर्गंध भी ऊपर तक फैली रहती है।
रक्त दंतिका मंदिर में प्रवास करने वाले साधकों ने कहा कि प्रशासन ऐसे लोगों को रोकने में कोई मदद नही कर रहा जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी दिन इसको लेकर मंदिर में फसाद होने की भी आशंका है।

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