उरई। प्रदेश की योगी सरकार के शासन में महिलाओं की इज्जत आबरू सुरक्षित नही है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के शासन में मिर्जापुर के माहियान में एपवा महिला संगठन की प्रांतीय नेता जीरा भारती के ऊपर भाजपा विधायक के रिस्तेदारों द्वारा बर्बर हमला कर निर्वस्त्र करने के मामले में आज भाकपा माले एव एपवा के कार्यकर्ताओं ने जीसीए कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और आरोप लगाया कि योगी शासन में जहां महिलाओं की आबरू सरेआम लूटी जा रही है वहीं दलित अल्पसंख्यकों की हत्याएं कर जाति एवं साम्प्रदायिक उन्माद पैदा किया जा रहा है।
आज भामपा माले तथा एपवा महिला संगठन के कार्यकर्ताओं ने चार सूत्रीय मांगों को लेकर जीसीए से जिलाधिकारी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला। कलेक्टेªट पहुंचकर रोष मार्च धरना सभा में बदल गया। सभा को संबोधित करते हुए एक्टू के प्रदेश सहसचिव का. रामसिंह चैधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के शासन में महिलाओं पर दमन, अत्याचार, बलात्कार, उत्पीड़न की बाढ़ आ गयी है। दलितों, अल्पसंख्यकोें की हत्याओं और जाति एवं साम्प्रदायिकता का खेल खेलने के लिए भगवा आतंक पूरे प्रदेश के अंदर लूट डकैती बलात्कार की घटनाओं ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मुर्जापुर के माहियान में जिस प्रकार सरेआम बीच सड़क पर एपवा की प्रांतीय नेता जीरा भारती के ऊपर हमला कर निर्वस्त्र करने की घटना की अब तक एफआईआर नही हुई और न ही हमलावरों को गिरफ्तार किया गया। उन्हांेंने हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में का. राजीव कुशवाहा, का. हरीशंकर, मुन्ना गड़रिया उर्फ रामप्रताप, गोटीराम, डालचंद्र, इंदल सिंह, द्वारिका, श्रीप्रकाश, संतोश, अशोक दोहरे, श्रीराम पांचाल आदि मौजूद रहे। बाद में अपर जिलाधिकारी गुलाब चंद्र को ज्ञापन दिया गया जिसमें लखनऊ प्रेस क्लब में दलित बुद्धिजीवियों पर हमला करने वाले दोषियों को दंडित करने, लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करने और प्रदेश में महिलाओं का अत्याचार, बलात्कार, लूट, डकैती, ध्वस्त कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार प्रदेश की भाजपा सरकार के साम्प्रदायिक जातिवादी सवर्ण सामंतो ताकतों द्वारा अंजाम दी गई घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।






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