कोंच-उरई। मारकंडेयश्वर तिराहे पर यात्री प्रतिक्षालय न होने से ग्रामीण क्षेत्र से आ रहे स्कूली छात्रध् छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विद्यालयों की छुट्टी के बाद छात्र/छात्राओं को मारकंडेयश्वर तिराहे पर काफी समय बिताने के बाद ही उन्हें वाहन मिलते हैं, तिराहे पर गुमटी हाथ ठेलों के बीच उन्हें भी खड़े होकर वे समय बिताने को मजबूर हो रहे हैं। मारकंडेयश्वर तिराहा यहां का सबसे व्यस्ततम तिराहा तो है ही, अधिकांश रूटों की बसें भी यहीं से लोगों को पकडनी होती है। इस तिराहे पर कोई यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने की स्थिति में यहां पर यात्रियों का बुरा हाल होता है। भले ही छोटा सा सही लेकिन यहां प्रतीक्षालय जरूरी है क्योंकि इसके न होने से यात्रियों को भारी परेशानी होती है। सुबह से ही कई गांव के ग्रामीणों को जाते समय वाहनों के इंतजार में घंटों खड़े रहना पड़ता है और उनके बैठने के लिये कोई व्यवस्था नहीं है। नागरिकों ने यात्री प्रतीक्षालय बनवाने की जोरदार मांग की है। चिलचिलाती धूप हो या रिमझिम बरसते पानी का मौसम, यात्रियों को कहीं भी सिर छिपाने के लिये जगह नहीं है। सुबह से ही एट, उरई, अंडा, सतोह, विरगुवां, पडरी, पनयारा, भदारी, दिरावटी आदि गांवों के ग्रामीणों को वाहनों का इंतजार घंटों करना पड़ता है। उनके बैठने के लिये कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश में तो यात्रियों का और भी बुरा हाल रहता है कोई किसी की दुकान में तो कोई किसी छज्जे के नीचे अपने आपको पानी से बचने की जुगत करता दिखता है। डिग्री कॉलेज के छात्र छात्राओं अंकित अग्रवाल, रीमा अग्रवाल, संचिका गुप्ता आदि के अलावा अन्य नागरिकों का कहना है कि वहं सुबह से ही यात्रियों का जमाबड़ा लगा रहता है उनके बैठने लिये यात्री प्रतीक्षालय तो बनबाया ही जाये।






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