उरई। आंदोलनों का पर्याय माने जाने वाले शैलेंद्र सिंह की रामपुरा नगर पंचायत से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी से सियासी हलकों में सनसनाहट फैली हुई है। उन्होंने उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करने से पहले ही जालौन टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में अपनी भावी योजनाओं का सटीक ब्यौरा प्रस्तुत किया है जो अन्य उम्मीदवारों के लिए भी रेखा खीचने का काम कर रहा है। साथ में उन्होंने एक घोषणा तो ऐसी की है जिससे जिले भर के नगर निकायों में मुखियाई के दावेदार, मानक बन जाने का खतरा महसूस करते हुए सहमे से नजर आ रहे हैं।

आप जानना चाहेगें कि शैलेंद्र सिंह ने ऐसी कौन सी अप्रत्याशित घोषणा की है जो दूसरे प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन गई है तो हाजिर है उसका जिक्र। शैलेंद्र सिंह ने कहा है कि अगर रामपुरा नगर की जनता उन्हें अपना प्रधान सेवक चुनती है तो वे अपना निवास छोड़कर रामपुरा नगर पंचायत में ही आबाद हो जायेगें तांकि 24 घंटे अपने लोगों की सेवा कर सकें। सोचिये आप कि शैलेंद्र सिंह ने जिले के सभी निकाय अध्यक्षों के लिए इस तरह एक कसौटी तय नही कर दी है। साथ ही शैलेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि लोगों से वे जो वायदे कर रहे हैं वे सब्जबाग नही है। उनका संकल्प है कि अगर ढाई वर्ष में वे किये गये वायदे पूरे नही कर पाये तो नगर पंचायत अध्यक्ष से इस्तीफा देकर एक किनारे बैठ जायेगें।

ये हैं वायदे:-

-लाईट की किफायत के लिए सभी गरीबों को एलईडी बल्बों का मुफ्त वितरण।

-गरीबों को मांगलिक कार्यक्रमों की किफायती व्यवस्था के लिए रामपुरा नगर के चारों मोहल्लों में एक-एक धर्मशाला का निर्माण।

-व्यापारियों को अवसर मुहैया कराने के लिए 100 दुकानों का निर्माण।

-अन्ना पशु प्रथा से निजात के लिए गौशाला निर्माण।

-युवाओं के लिए मिनी स्टेडियम और व्यायामशाला।

-स्वच्छता के लिए सफाई कर्मचारियों की दुगनी संख्या की तैनाती।

-संचार क्रांति के लिए विभिन्न स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई की व्यवस्था।

-वृहद वाचनालय का निर्माण।

-कस्बे के तंग बाजारों में आटो पर चलित शौचालय की व्यवस्था जो एक मिस्ड काॅल पर चंद पलों में जरूरत मंदों के सामने हाजिर होगे।

-विकास की प्राथमिकता

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