उरई। सिविल लाइन्स स्थित एस एस फूड कोड में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के तत्वावधान में एक शाम कवि और शायरों के नाम के आयोजन में शहर के जाने-माने रचनाकारों ने धूम मचा दी। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने अभिभूत होकर प्रतिमाह ऐसे आयोजन कराने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता उस्ताद शायर रसूल अहमद सागर ने की।

गीत कवि विनोद गौतम ने सरस्वती वंदना और फारूख वफा ने नाते पाक पेश करके आयोजन की औपचारिक शुरूआत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जबलपुर में पदस्थ आइआरएस राजेश शर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर झांसी असीम राजपूत और समाजसेवी युवराज सिंह उपस्थित रहे। डाॅ अनुज भदौरिया ने जब इन पंक्तियों को पढ़ा कि ऐसी दीपावली कर दो, हर हृदय में राम उतरे। हर नजर में अली कर दो। तो माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जनता के शायर के संबोधन से नवाजे जाने वाले शफीकुर्रहमान कश्फी ने मार्मिक रचना पढ़ी। बोझ मुफलिस के लिए उसकी जवानी हो गई। जब किसी मजदूर की बेटी सयानी हो गई। गिरधर खरे ने पढ़ा, छोटी-छोटी बातों में रोना सीख लिया, छोटे से जंगल में खोेना सीख लिया। फारूख वफा ने सुनाया महलों से तो ये रोशनी आने को नहीं अब, जलते हुए मजदूरों के घर देख रहा हूं। युवा शायर परवेज, कफील चिश्ती ने भी रचनाएं पढ़ीं। कवि गीत सम्राट विनोद गौतम ने अपने प्रेम गीतों से श्रोताओं को सम्मोहित किया। आइआरएस राजेश शर्मा ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। मुख्य अतिथि मनीष गुप्ता काजू न कहा कि कवि शायरों के बीच साढ़े तीन घण्टे का समय उन्हें पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि मनुष्य को मनुष्य बनाए रखने की सबसे बड़ी शक्ति साहित्य कविता और शायरी में है। जन उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष शशिकान्त शर्मा सोनू ने ताजमहल पर अपनी स्वरचित रचना सुनाई।

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