कालपी(उरई )। जिम्मेदार अधिकारियों के प्रयासों के बाद भी नगर कालपी में मंहगी खाद बिक्री पर अंकुश नही लग पा रहा है। सोमवार को जिला कृषि अधिकारी द्वारा कालपी की खाद दुकानों की चेकिंग में बरती गई नरमी से जिला कृषि अधिकारी के नगर वापसी के बाद खाद विक्रेताओं ने इफको खाद की बिक्री 360 रुपये से लेकर 370 रुपये में करके जमकर जश्न मनाकर किसानों से लूट की और ऐलान किया कि अधिकारी मेरे है वह भी खाद की मंहगाई में शामिल है।
सोमवार को जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह ने नगर कालपी का दौरा कर खाद विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया और दुकानों का नरम निरीक्षण करते हुए जिला कृषि अधिकारी ने पौश मशीनों की फीडिंग तथा कैशमैमो की तथ्य परख जांच नही की तथा एक सपा नेता की खाद दुकान पर बैठकर मंत्रणा की जिससे खाद विक्रेताओं में जहां यह संदेश गया कि अधिकारी जांचके नाम पर औपचारिकता कर रहे है वहीं नगर के जानकारों, किसानों में यह संदेश गया कि भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का दावा करने वाली भाजपा सरकार में सपा नेताओं का बोलबाला रहेगा और इस सरकार में खाद बिक्री मंहगे दामों में सपा सरकार से भी आगे निकल जायेगी यह चर्चा नगर में आम विषय बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि जैसे ही जिला कृषि अधिकारी निरीक्षण करके नगर से बाहर निकले वैसे ही दो ट्रक इफको यूरिया खाद नगर में आ गई जिसकी आनन-फानन में बिक्री 325 रुपये की जगह 35 और 40 रुपये मंहगे रेट पर करके शामो शहर में जश्न मनाकर कहा गया कि अधिकारी जेब में है और यूरिया खाद बिक्री अब 400 रुपये प्रति बोरी होगी क्योंकि आने वाले अधिकारी को कल भेंट देना है। जिला कृषि अधिकारी की वापसी पर बेलगाम खाद विके्रेताओं के खुले कृत्यों से शहर के बृद्धिजीवियों तथा लुट रहे किसान हैरत में है तथा किसान यदि उचित देर पर तथा कैशमैमो की मांग करते है तो किसानों को दुकान से यह कहकर भगा दिया जाता है कि खाद उपलब्ध नही है।
कृषि विभाग के जिम्मेदार तथा कालाबाजारी में लिप्त खाद विक्रेताओं पर लगाम कसने में महारत करने वाले उप निदेशक कृषि अनिल पाठक ने दूरभाष पर प्रेस को बताया कि एक ही गोदाम में कई ब्रांडों की खाद रखना दंडनीय अपराध है और यदि किसी विक्रेता द्वारा एक गोदाम की चैहद्दी दिखाकर दूसरे ब्रांड के खाद लाईसेंस में भी वह चैहद्दी दिखाकर विभाग को भ्रमित कर लाईसेंस जारी करवा लिया है तो उसमें विभाग के साथ विक्र्रेता भी दोषी है। उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि एक शातिर खाद विक्रेता के खिलाफ एक गोदाम में कई ब्रांडों की खादे रखने के आरोप में खाद विक्रेता का लाईसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा चुकी है। उपनिदेशक कृषि श्रीपाठक का स्पष्ट कहना है कि खाद दुकान में टंगा प्रेस बोर्ड दंडनीय कार्यवाही की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पौश मशीनों की फीडिंग की चैकिंग कर जांच की जायेगी तथा विभाग की कालाबााजरी करने वाले खाद विक्रेताओं पर पैनी नजर है और वह मन का धन भले ही करले लेकिन लाईसेंस निरस्तीकरण के साथ जेल देखने को तैयार रहे तथा लाईसेंस तथा गोदाम और चैहद्दी का भी निरीक्षण तेजी से कराकर सिरफिरे खाद विके्रताओं पर शीघ्र ही नकेल कसी जायेगी वह चाहे कितना ताकतवर क्यो न हो वह कानून से बड़ा नही होता।




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