उरई। जालौन थाना क्षेत्र में एक पखवारे पहले एक मंदिर से अष्टधातु की करोड़ों रुपये की चोरी की गई मूर्तियां पुलिस ने बरामद कर ली हैं। इस सिलसिलें में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीन और लोगों के नाम प्रकाश में आये हैं जो अभी फरार हैं। मूर्ति चोर गिरोह का सरगना रामकेश पटेल इसके पहले भी एक बार पूंछ जनपद झांसी की पुलिस द्वारा मूर्ति चोरी में जेल भेजा जा चुका है।
गौरतलब है कि गत 9/10 दिसंबर की रात जालौन कोतवाली क्षेत्र के अमखेड़ा गांव स्थित रामजानकी मंदिर से राम, लक्ष्मण और सीता की अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी हो जाने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। इन मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही थी। धार्मिक आस्था का मामला होने की वजह से लोगों में जबर्दस्त उद्वेलन होने के कारण पुलिस के लिए इसकी गुत्थी सुलझना अहम चुनौती बना हुआ था।
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार की शाम पत्रकार वार्ता में बताया कि उक्त मूर्तियों की चोरी का प्लान मुख्य रूप से रामकेश पटेल ने निवासी बिनौरापुर थाना कोटरा तैयार किया था। इसके बाद वह रफत खान निवासी सुभाष नगर कोंच से मिला। रफत खान ने अपने साथ जमील अहमद निवासी जवाहर नगर कोंच, शकील, मुस्तकीम निवासी खनुआ थाना जालौन और रामशरण को जोड़ा। इन सभी लोगों ने मंदिर से रात में मूर्तिया उठाने के बाद शमी उर्फ गुडडे निवासी संदलपुर थाना मंगलपुर जिला कानपुर देहात से संपर्क स्थापित किया। जिसने दीपक कुशवाहा निवासी गोखले नगर कोंच के पास राम की मूर्ति 25 हजार रुपये में गिरवी रखवा दी। इस दौरान गुडडे ने गैस कटर से राम की मूर्ति की उंगलियां काट ली जिन्हें ये लोग क्वालिटी चैक के लिए नासिर हुसैन खां रावतपुर कानपुर नगर ले गये।
जालौन कोतवाली पुलिस के अलावा खुलासे के लिए स्वाट और सर्विलांस टीम को भी जुटाया गया था। जिसने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। सारे आरोपियों के नाम उजागर हो जाने के बाद उन्हें एक-एक करके दबोच लिया गया। हालांकि सभी की गिरफ्तारी एक साथ मंगलवार को जालौन से ही दिखाई गई है। इनके पास से तीनों मूर्तियां, गैस कटर, 790 रुपये नगद और दो मोबाइल बरामद किये गये।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गैंग में शरीक रहे मो. शकील, रामशरण व इनका एक अन्य अज्ञात साथी अभी गिरफ्तार नही किये जा सके हैं। इन्हें वांछित करार दे दिया गया है।

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