उरई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जनपद शाखा ने बुधवार को जिलाधिकारी को 12 सूत्रीय आरोप पत्र जालौन के खंड शिक्षाधिकारी विनोद गौतम के खिलाफ दिया। इसमें परिषदीय विद्यालयों के कृषि फंड व रखरखाव के खातों से उनके द्वारा लाखों रुपये की धनराशि निकालकर हड़प जाने के गंभीर आरोप लगाये गये हैं। अगर आरोप पत्र सही है तो खंड विकास अधिकारी का अपने पद पर बने रहना और जेल न जाना अंधेर नगरी, चैपट राजा की कहानी को याद दिलाता है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने उदाहरण के तौर पर बताया है कि विकास खंड जालौन के प्राथमिक विद्यालय कुसमरा की प्रधानाध्यापिका सुनीता देवी ने बीएसए को प्रार्थना पत्र देकर उनके विद्यालय के फंड से 1 लाख रुपया बैंक से अनधिकृत रूप से स्थानांतरित कर लिए जाने की शिकायत की थी। जिस पर तत्कालीन बीएसए ने फौरन जांच के आदेश जारी किये थे। लेकिन बाद में यह मामला रहस्यमय ढंग से दफन कर दिया गया। यही हश्र माधौगढ़ विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिहारी के खाते से 25 हजार रुपये स्थानांतरित कर हड़प लिए जाने की शिकायत का हुआ।
कन्या प्राथमिक विद्यालय कुरसैड़ा और प्राथमिक विद्यालय हिम्मतपुरा विकास खंड माधौगढ़ के खाते से भी 50 हजार रुपये की हेराफेरी की गई और इसकी जांच का भी कोई नतीजा अभी तक सामने नही लाया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हथना बुजुर्ग, कन्या प्राथमिक विद्यालय धनौरा कलां, कन्या प्राथमिक विद्यालय खर्रा और प्राथमिक विद्यालय उदोतपुरा के खातों में की गई हेराफेरी का भी जिक्र आरोप पत्र में शामिल है।
साथ ही महासंघ ने निरीक्षण के नाम पर शिक्षक-शिक्षिकाओं को डरा-धमकाकर उनसे अवैध उगाही का आरोप भी विनोद गौतम के खिलाफ दोहराया है। दूसरी ओर विकास खंड जालौन की उच्च प्राथमिक विद्यालय कुअरपंरा में कार्यरत सहायक अध्यापिका दीप्ति गुप्ता वर्ष 2013 से लगातार अनुपस्थित हैं। प्रधानाध्यापक मासिक उपस्थित पत्रक में उन्हें गैरहाजिर दिखा भी रहे हैं लेकिन खंड शिक्षाधिकारी सुविधा शुल्क लेकर उनके सारे वेतन और अवशेषों का भुगतान करा रहे हैं जो कि जुर्रत की पराकाष्ठा है।
योगी सरकार प्रदेश में कायम होने के बाद प्रशासनिक अराजकता और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश के जो वायदे किये जा रहे हैं यह हालत उनका मखौल है। क्या खंड शिक्षाधिकारी जालौन विनोद गौतम को कोई ऐसी सिद्धि प्राप्त है जिसके कारण सरकार उनका कैरियर नही भेद पा रही या उनके पास कोई ऐसा सिफारिशी पौवा है जिसके आगें सरकार अपने को लाचार महसूस कर रही हैं लोग इन सवालों का जबाव चाहते हैं। डीएम को ज्ञापन देने वालों में महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, महामंत्री प्रदीप सिंह चैहान, संघर्ष समिति के अध्यक्ष इलियास मंसूरी, कार्यवाहक जिला महामंत्री अरुण पांचाल, उपाध्यक्ष सोएब अंसारी व कोषाध्यक्ष अशोक तिवारी शामिल हैं।







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