उरई । अन्ना पशु प्रथा बुंदेलखंड में किसानों के बीच खून खराबे का सबब बनने लगी है ।
गोवंश बध पर तो पूरी तरह काबू पा लिया गया है लेकिन इसके कारण गाय , बछड़ों के झुंड के झुंड गाँव में मंडराने लगे हैं । ये झुंड जिस खेत में घुस जाते है वह पल भर में साफ़ हो जाता है । बेचैन किसान इसके कारण समूहबद्ध हो कर अपने गाँव से अन्ना गायों के झुंड दूसरे गाँव की ओर खदेड़ते हैं जिसकी प्रतिक्रिया में सभी गाँवों में लोग चौकसी बरतने लगे हैं और अन्ना गायों को जब दूसरे गाँव के लोग वापसी खदेड़ते हैं तो खून खच्चर की नौबत आ जाती है ।
सोमवार को सिरसाकलार थाना क्षेत्र में अभेदेपुर के लोगों द्वारा खदेड़े गए अन्ना मवेशी जब कोंडा किर्राही में घुसने लगे तो कोड़ा किर्राही के लोग आग बबूला हो गए । इस पर दोनों गाँव के लोगों में लाठियां चटकाने लगीं जिसमें कोड़ा किर्राही के राजेन्द्र सिंह , विकास सिंह और विमला देवी सिर फट जाने से लहूलुहान हो गए । इसी बीच 100 नंबर पर फोन किया गया लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुँची अधिकांश लोग भाग चुके थे । बाद में घायलों की तहरीर पर झल्ले पुत्र सुरेन्द्र निवासी अभेदेपुर व अन्य अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है ।






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