उरई। जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा के बाबू मनोज श्रीवास्तव के द्वारा डूडा कालौनी आवंटित करने के नाम पर लोगों को लाखों की चपत लगा दी और अब डूडा कार्यालय के चक्कर काट रहे गरीबों को बाबू का नामो निशान नही मिल रहा है।

जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा मोहल्ला लहरियापुरवा में निर्वल आवास योजना के अंतर्गत आवासों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा आसरा योजना के अंतर्गत भी आवासों का निर्माण कराया गया है। डूडा कार्यालय के चक्कर काट रहे लाभार्थियों का आरोप है कि उन्होंने इन आवासों के लिए आवेदन किया था और इसके बदले डूडा कार्यालय के बाबू मनोज श्रीवास्तव एवं उसके भाई अरूण श्रीवास्तव के द्वारा प्रति लाभार्थी से बीस-बीस हजार रुपये अग्रिम वसूल किए गए थे। पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी डूडा के बाबू मनोज श्रीवास्तव ने उनका चयन न करके ऐसे अपात्रों का चयन कर निर्वल आवासों में कब्जा दे दिया जिन्होंने पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये उन्हें थमा दिए थे। निर्वल आवासों के आवंटन के बाद भी मनोज श्रीवास्तव ऐसे लाभार्थियों को यह आश्वासन देता रहा है कि अब उन्हें आसरा आवासों को आवंटित कर दिया जाएगा। लेकिन लाभार्थियों को कही कोई आवास नही दिया गया। स्थानीय मोहल्ला तिलक नगर निवासी दलित वर्ग के रामशंकर पुत्र रघुवीर प्रसाद का आरोप था कि उन्होंने डूडा कार्यालय के बाबू मनोज श्रीवास्तव को 29 दिसम्बर 2015 को बीस हजार रुपये आवास हेतु दिए थे। जिस पर मनोज श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया था कि उसे दो चार दिन में कालौनी आवंटित कर दी जाएगी। उसके साथ और भी तमाम लाभार्थियों से रुपये जमा कराए गए थे। जिन्हें इसी तरह का आश्वासन दिया गया था। संपर्क करने पर हरबार उक्त बाबू बहुत जल्द ही आवास दे देगे का बहाना बनाकर टहलाता रहा है जब उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो पिछले छह महीने से बाबू मनोज श्रीवास्तव का कोई अता पता नही है। उसका रिस्तेदार भाई अरूण श्रीवास्तव भी डूडा कार्यालय आने वाले लोगों को गुमराह कर भगा देता है। रामशंकर ने जिलाधिकारी जालौन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कार्यालय से गायब चल रहे बाबू मनोज श्रीवास्तव के साथ ही लोगों को लाखों की चपत लगाने में शामिल रहे डूडा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

Leave a comment