* दोनों पक्षों के चार चार लोगों को किया गया था पाबंद
* मामला कल देर शाम प्लॉट के विवाद में कब्जे को लेकर हुई फायरिंग का

कोंच-उरई । कल देर शाम मोहल्ला आजाद नगर में विवादित प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को शायद पहले से ही अंदेशा था कि दोनों पक्षों में भिड़ंत हो सकती है, सो पुलिस ने अपनी साइड सेफ करने के लिये दोनों ही पक्षों के आठ लोगों को पहले से ही पाबंद कर रखा था। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी भी प्रकार की तहरीर किसी भी पक्ष से नहीं आई है जिसके चलते पुलिस की कार्यवाही फिलहाल आगे नहीं बढ पा रही है। हालांकि एहतियातन मौके पर पुलिस तैनात है ताकि कानून और व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न होने पाये। इस बाबत सीओ का कहना है कि उन्होंने कोतवाली पुलिस को निर्देश दिये हैं कि उन लोगों को जल्दी ही चिन्हित किया जाये जिन्होंने बबाल फलाया और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया है।
मोहल्ल आजाद नगर में प्लॉट पर कब्जे को लेकर कल की घटना जिसमें कब्जा करने या दूसरे पक्ष का कब्जा हटाने को लेकर जो दहशतनाक कार्यवाही की गई उससे पुलिस भी सकते में है क्योंकि सरेआम फायरिंग की घटना से जहां इलाके में दहशत का माहौल है वहीं पुलिस के इकबाल पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। प्लॉट पर मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में जारी विवाद अदालतों से होता हुआ सड़कों तक आया और कई राउंड की ताबड़तोड़ हुई फायरिंग में अभी भी बबाल फैलाने बालों का चिन्हीकरण नहीं हो पाना बाकई सवाल खड़े करने बाला है। कोतवाल संतोषकुमार सिंह का कहना है कि उक्त मामले में अभी किसी भी पक्ष से तहरीर फिलहाल नहीं प्राप्त हुई है, ऐसी स्थिति में किसके खिलाफ क्या कार्यवाही की जा सकती है लेकिन पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी है और जल्दी ही बबालियों के चेहरे सामने होंगे। उन्होंने बताया कि चूंकि दोनों पक्ष हिफजुर्रहमान उर्फ मुन्ना महाते तथा शाह हुसैन के बीच का ये विवाद कई दिन पहले से सुगबुगाहट में था लिहाजा उन्होंने दोनों पक्षों के चार चार लोगों को पहले ही पाबंद करा दिया था। जिन लोगों को पाबंद किया गया है उनमें एक पक्ष के हिफजुर्रहमान, शोयेबुर्रहमान, अतीकुर्रहमान, अजीमुर्रहमान तथा दूसरे पक्ष के शाह हुसैन, जैनुलआब्दीन, मुईनुद्दीन उर्फ मजहर तथा अली जावेद शामिल हैं। पाबंदी की इस कार्यवाही से एक बात तो साफ है कि पुलिस को पहले से ही यह अंदेशा था कि दोनों पक्ष भिड़ेंगे जरूर लेकिन यह गुमान पुलिस को भी नहीं था कि बात फायरिंग कर दहशत फैलाने तक पहुंचेगी।
इधर, कल की घटना के बाद फिलहाल पुलिस काफी सतर्कता बरत रही है और वारदात बाली जगह पर एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है ताकि फिर से किसी प्रकार के बबाल को रोका जा सके। सीओ रुक्मिणी वर्मा का भी कहना है कि तहरीर नहीं आने से यह तय नहीं हो पा रहा है कि फायरिंग की घटना में कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने कोतवाली पुलिस को निर्देश दिये हैं कि मामले की तह तक जाये और उन चेहरों को चिन्हित करे जिन्होंने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। उन लोगों को बख्शा नहीं जायेगा और पुलिस उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेगी।






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