माधौगढ़(उरई )। रबी की फसलों के लिए काल बने आवारा पशुओं के प्रति जिला प्रशासन के लापरवाह रवैये से आक्रोशित किसानों ने आज क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन के नेतृत्व में सैकड़ों आवारा पशुओं के साथ तहसील दिवस में जनसमस्याएं सुन रहे जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर का घेराव कर नारेवाजी की और अब तक आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए कोई इंतजाम न करने पर आक्रोश व्यक्त किया।

जालौन जिले मेें आवारा पशुओं की फौज किसानों की फसलों के लिए काल बनी हुई है। पूरे जिले में आवारा पशुओं को लेकर किसानों मेें हाहाकार मचा हुआ है। पिछले कई माह से जिलाधिकारी से आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे किसानों की एक भी नही सुनी गई। जिसके चलते किसानों को दिनरात अपनी फसलोें की रखवाली करनी पड़ रही है। इस भीषण ठंड में फसलों को बचाने के लिए खेतों पर पड़े हुए है। जिसमें कई किसानों की ठंड से मौत भी हो चुकी है। भारतीय किसान यूनियन भी जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन दे चुकी है। लेकिन जिलाधिकारी जालौन का इस मामले में रवैया लापरवाह ही रहा है। जिसके चलते पिछले दिनों माधौगढ में आयोजित एक कार्यक्रम में किसानोें ने आवारा पशुओं को छोड़कर भाजपा के इस कार्यक्रम में अफरा तफरी मचा दी थी। जिसके क्षेत्रीय विधायक सहित जिले के तीनों विधायक मौजूद थे।

आज जिला स्तरीय तहसील दिवस माधौगढ तहसील में था। किसानों का आरोप था कि विधायक का कहना है कि प्रशासन भी उनकी नही सुन रहा है। इससे किसानों में आक्रोश प्रशासन के प्रति और अधिक देखा जा रहा है। जिसके चलते आज भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शिवबालक सिंह तथा रामभरोसे, बालकराम, शिवप्रसाद आदि सैकड़ों किसान करीब पांच सौ गौवंशीय आवारा जानवरों के साथ माधौगढ तहसील परिसर में जा धमके। तहसील परिसर में आवारा पशुओं की फौज देखकर अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। बाद में विधायक के नेतृत्व मेेें किसान तहसील दिवस में समस्याएं सुन रहे जिलाधिकारी से मिल और उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। किसानों का आरोप था कि वैसे ही बरसा न होने के कारण एक बड़े क्षेत्रफल में रबी फसल की बुबाई नही हो पाई और जिन किसानों ने फसले बोई है उन्हें आवारा पशुओं के द्वारा चट किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि उनका समस्या का समाधान कराया जाएगा। इसके लिए उन्होंने खंड विकास अधिकारी माधौगढ एवं रामपुरा को निर्देशित किया कि चार जनवरी को क्षेत्र के सभी प्रधानों की बैठक बुलाकर ग्राम पंचायतों में पड़ी खाली जमीन पर गौशालाएं खुलवाये और इसके लिए मनरेगा, ग्राम निधि एवं चैदहवें वित्त आयोग से धनराशि व्यय की जाए। हालांकि की किसानों के गुस्से को देखकर क्षेत्राधिकारी अजय शर्मा ने उन्हें काफी समझाया बुझाया तब कहीं किसानों का गुस्सा शांत हुआ।

Leave a comment