उरई। आगामी 13 जनवरी को प्रदेश के सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव द्वारा जिले में जन सूचना अधिकार अधिनियम के आवेदनों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की जायेगी। जिसके लिए उनके स्तर से ही सैट किये गये एजेंडे के कारण जनपद के अधिकारियों को ठंड में पसीना छूट रहा है और हलक सूखता नजर आ रहा है।
सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव 13 जनवरी को बैठक के लिए यहां पहुंच रहे हैं। समीक्षा बैठक का एजेंडा उनके कार्यालय से पहले ही जिलाधिकारी को भिजवा दिया गया है। इसमें गहन और पैनी समीक्षा का आभास है। जिससे अधिकारी हलकान हैं।
सूचना आयुक्त ने समीक्षा में चाहा है कि गत वर्ष दिसम्बर तक जन सूचना के जितने भी आवेदन प्राप्त हुए और उनके निस्तारण की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट समीक्षा बैठक में रखी जाये जन सूचना के आवेदनों को प्राप्त करने व निस्तारण के लिए किये गये आधारभूत प्रबंधों का विवरण भी उन्होंने इस बैठक में मांगा है। साथ ही पूंछा है कि जो आवेदन लंबित हैं उनकी अद्यतन स्थिति क्या है।
सूचना आयुक्त ने जन सूचना के संबंध में आने वाली समस्याओं और उनके निवारण के लिए सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने कहा है कि यह भी बताया जाये कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में जन सूचनाओं के पंजीकरण के लिए कोई रजिस्टर बनाया गया है कि नही और सभी जन सूचना अधिकारियों व अपीलीय अधिकारियों की नाम पटिटकाएं लगी हैं या नही।
समीक्षा बैठक के बाद सूचना आयुक्त जनपद की किसी एक तहसील और किसी एक ब्लाक का भी निरीक्षण करेगें। जहां देखेगें कि जन सूचनाओं के पंजीकरण के लिए रजिस्टर की व्यवस्था की गई है या नही और नाम पटिटकाएं लगी है या नही।
अभी तक जन सूचना के मामले में अफलातूनी समीक्षाएं होती रही थीं। जिससे अधिकारी लापरवाह रहते थे। पहली बार सूचना आयुक्त के एजेंडे में इतनी कसावट और घेराबंदी देखी जा रही है कि जिले के सारे अधिकारी परेशान नजर आने लगे हैं।






Leave a comment