
उरई। जालौन जिले की हरी मटर की मिठास अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। शनिवार को स्पेन से आये उद्यमियों की एक टीम ने इफको के सहयोग से एट क्षेत्र में मटर की खेती का सर्वे किया। उनकी योजना यहां की मटर को अपने कारोबार से जोड़ने की है।

स्पेनी टीम का नेतृत्व वैंटो जिगेन्जे कर रहे थे। चार सदस्यीय टीम में उनके साथ एंजिल क्रिस्टलोजो, इन्गो एन्टोन और क्रिस्टोफर भी थे। उन्होंने ग्राम धुरट में किसानों के साथ एक गोष्ठी आयोजित की। जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से वे लोग स्पेन में शीतलन व्यवसाय से जुड़े हैं। उनके पास कृषि उत्पाद को इतने सुरक्षित फ्रीजर में रखने की व्यवस्था है कि उसमें कभी खराबी नही आ सकती।

चर्चा के दौरान क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि भले ही उनकी मटर की मांग पूरे देश मे हो लेकिन इसके व्यवसाय में बिचैलिये हावी हैं जो लागत के बराबर भी कीमत उन्हें नही मिलने देते इसलिए किसानों में निराशा फैल रही है। इस पर स्पेनिश टीम ने उनसे पूंछा कि अगर वे पहले से रेट तय करके आप से अपने मुताबिक खेती करायें तो क्या आप तैयार हैं तो सारे किसानों ने कहा कि बेशक। किसानों का कहना था कि अगर पहले से रेट तय हो जायें तो उनका शोषण नही होगा। बैन्टो जिगेन्जो ने बाद में बताया कि वे भारत में खेती कैसे होती है यह जानने के लिए दौरा कर रहे हैं। वे यहां के किसानों को तकनीकी सहयोग प्रदान करेगें तांकि उनका उत्पादन बढ़े और आमदनी बढ़े। उन्होंने बल पूर्वक कहा कि निश्चित रूप से उनके द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले बीज व अन्य तकनीक सूखा ग्रस्त बुंदेलखंड में भी कामयाब रहेगें।
गोष्ठी का संचालन दिल्ली से आये केंद्रीय समन्वयक रजनीश पांडेय ने किया। उन्होंने अनुवाद के मामले में किसानों और स्पेनिश टीम के बीच पुल की भूमिका निभाई। इफको के निदेशक महेश पांडेय ने स्पेनिश टीम का स्वागत किया। चीफ एरिया मैनेजर झांसी आरएन ओझा, सीनियर मैनेजर एके कामरान, फील्ड आफीसर उरई रामरतन सिंह, हमीरपुर आकाश चैबे और इफको के प्रगतिशील किसान परवेंद्र सिंह तोमर विरासनी मौजूद रहे।







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