उरई। उपकाशी के नाम से पहचानी जाने वाली कालपी नगरी में रविवार को मकर संक्राति के पावन पर्व पर यमुना के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान के लिए उपड़ पडी़ जिससे मिनी कुम्भ जैसा विहंगम दृश्य साकार दिखाई दिया।
बाल व्यास घाट, पीला घाट, ढौलेश्वर घाट आदि घाटों पर सुबह चार बजे से ही दर्शनार्थियों के आने का तांता लग गया था। लोगों ने स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन कर जलाभिषेक किया ।
ध्यान रहे कि कालपी नगरी भगवानद वेद व्यास की जन्म भूमि एवं तपोस्थली होने के साथ साथ भगवान शंकर के पांडव कालीन प्राचीन मंदिर पातालेश्वर और भगवान कृष्ण के बिहारी धाम जैसे सिद्ध स्थानों के कारण तीर्थ स्थल का दर्जा रखती है। इसलिए यहां मकर संक्राति के पुण्य स्नान को विशिष्ट महत्व दिया गया है। इस अवसर पर हमेशा की तरह रामौ वामौ सामाजिक संस्था के अध्यक्ष लालजी धवन, महेन्द्र गौतम, नरेन्द्र कुमार तिवारी, संतोष शुक्ला, लल्ला सविता आदि ने स्नान कराने वाले भक्तों के लिए चाय ब्रेड और खिचड़ी के निशुल्क वितरण की व्यवस्था रखी थी। कई अन्य सामाजिक संस्थाओं ने भी पंडाल लगाकर हलबा पूड़ी खिचड़ी व चाय का वितरण कराया।
इस दौरान पुलिस व्यवस्था भी चाक चैबंद रही। सभी घाटों पर स्नानार्थियों की मदद और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था। गोताखोरों व फायर ब्रिगेड के प्रशिक्षित जवानों की डयूटी भी लगाई गई थी।

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