उरई। बीएसए के बयान के विरोध में एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन की जनपद यूनिट ने रविवार को मकर सक्रांति पर्व का बहिष्कार करके बेसिक शिक्षाधिकारी के कार्यालय पर उपवास कर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कथित आदेश की आड़ और तथाकथित मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के नेताओं के दबाव में बीएसए राजेश कुमार शाही ने अनुसूचित जाति के शिक्षक/शिक्षिकाओं को रिवर्ट करने का बयान दिया है। जबकि योगी सरकार ने ऐसा कोई शासनादेश जारी नही किया है। इससे हमारी भावनाओं को भारी ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन जनपदों में बीएसए ने बैकलाक भर्ती व पदोन्नति की धारा 3/2 को नजरंदाज कर मनमाने डिमोशन कर भी दिये थे उनमें से कई जगह कार्रवाई वापस लेनी पड़ गई। कुछ जिलों के प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 3/2 को खारिज नही किया है।
मांडलिक मंत्री राजेंद्र चैधरी ने कहा कि यदि अनुसूचित शिक्षकों के गलत व असंवैधानिक डिमोशन किये गये तो इसे बर्दास्त नही किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीताशरण ने की और संचालन मिस्टर सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला व ब्लाक इकाइयों के वरिष्ठ व जिम्मेदार पदाधिकारीगण व शिक्षक/शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।







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