उरई। गत 10 जनवरी को कैलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बरौदा कला में कुएं से गांव के ही लाल सिंह पटेल का शव बरामद होने के मामले की गुत्थी सुलझ गई है। इस सिलसिले में उनके ही एक साथी को गिरफ्तार किया गया है। जिसने बताया कि उस पर मृतक का काफी कर्ज बाकी था। जिससे बचने के लिए उसने मृतक की हत्या कर दी और शव कुएं में फेंक दिया तांकि आत्महत्या समझकर मामला रफादफा हो जाये।

अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बरौदा कलां के लाल सिंह पटेल हत्या कांड के खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने ध्यान दिलाया कि लाल सिंह पटेल आरोपी गजराज के साथ 3 जनवरी को अपने ट्रैक्टर पर मटर की फलियां लादकर कोंच की मंडी मे आये थे। उनके द्वारा मटर बेचने की जानकारी तो मिली लेकिन इसके बाद वे कहां गुम हो गये यह जानकारी नही मिल पा रही थी।

लाल सिंह पटेल के घर न लौटने पर जब परिजनों ने पुलिस से शिकायत की तो कोंच कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से सुरागरशी की जिससे आरोपी गजराज उनके निशाने पर आ गया। सोमवार को उसने पकड़े जाने के बाद बताया कि जब वह लाल सिंह पटेल के साथ मटर बेंचकर लौट रहा था तभी उसने लाल सिंह पटेल को धक्का देकर ट्रैक्टर से नीचे गिराकर रौंद दिया और बाद में शव गांव के बाहर खेत में बने कुएं में फेक दिया। उसने बताया कि लाल सिंह पटेल से उसने ट्रैक्टर खरीदने के लिए दो लाख रुपये लिए थे। इसके अलावा उनके मैंथा की फसल का पैसा भी उस पर बकाया था। यह रकम न देना पड़े इसलिए उसने उनकी हत्या की। उसे उम्मीद थी कि कुएं में शव मिलने से लाल सिंह के घरवाले समझेगें कि उन्होंने आत्महत्या की है और मामला रफादफा हो जायेगा। लेकिन अंततोगत्वा वह पकड़ लिया गया। पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक के साथ कोंच की क्षेत्राधिकारी रुक्मणि वर्मा मौजूद थीं।

Leave a comment