उरई। गत वर्ष नवम्बर में रामपुरा क्षेत्र में घर में अकेली रह रही दलित महिला की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के अनसुलझे मामले की गुत्थी पुलिस ने आखिर सुलझा ली। तीन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
रामपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मजीठ में अकेली रह रही जयदेवी पत्नी स्व. राजकुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। पूर्व थानाध्यक्ष मिथलेश कटियार ने इस मामले को आत्महत्या दर्शाकर रफादफा करने की काशिश की। लेकिन इस रवैये पर जनाक्रोश पैदा होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उन्हें हटाकर लखन सिंह को नया थानाध्यक्ष तैनात कर दिया।
उनके छानबीन में स्पष्ट हो गया कि यह मामला हत्या का है। उन्होंने सुरागरशी कर वारदात में शामिल रहे तीन आरोपियों के नाम पता कर लिए और उन्हेें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए गिरफ्तार आरोपियों के नाम केशव बारी निवासी बावली थाना रेढ़र, रामकुमार उर्फ घस्से राठौर व पप्पू बारी निवासीगण मजीठ बताये हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने बताया कि उन लोगों ने पहले मृतका के साथ बारी-बारी से बुरा कर्म किया। जब उसने उनकी बात पुलिस को बता देने को कहा तो उन लोगों ने उसके गले में सूजा भौंक दिया और साड़ी से गला घोट डाला। इसके बाद साड़ी के एक भाग को जंगले से बांधकर भाग निकले तांकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। पुलिस अधीक्षक ने इस अनावरण के लिए रामपुरा के थानाध्यक्ष लखन सिंह व उनकी टीम को नगर पुरस्कार देने की घोषणा की।







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