उरई। एक ओर चारे की कमी की वजह से जनपद में अन्ना पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। दूसरी ओर यहां का चारा बड़े पैमाने पर तस्करी कर राजस्थान जा रहा है। जिसकी ओर प्रशासन का कोई गौर नही है।

जनपद के पचनद के बीहड़ी क्षेत्र में राजस्थान के तस्कर खेतों में पड़ी बाजरा की करबी को खरीदकर बड़ी-बड़ी गाड़ियों में राजस्थान भरकर ले जा रहे हैं। यह सिलसिला एक महीने स ेचल रहा है। जिससे क्षेत्रीय मवेशियों का मुंह का निवाला गायब होता जा रहा है। नतीजतन मवेशियों की महामारी जैसी समस्या जनपद में दिखाई पड़ सकती है।

अवगत हो कि इसके पहले तत्कालीन जिलाधिकारी रामगणेश ने दो वर्ष पूर्व इसी समस्या के मददेनजर जनपद जालौन से भूसा एवं बाजरा की करबी बाहर ले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन अब इस मामले में प्रशासन का रवैया ढुलमुल हो जाने से राजस्थान के तस्कर स्थानीय दलालों की मदद से फिर सक्रिय हो गये हैं।

रामपुरा थाना क्षेत्र में जगम्मनपुर कंजौसा के बीच बाबा साहब पैट्रोल पंप के सामने एक बड़े मैदान में ट्रैक्टरों में लगी कटर मशीनो से करबी का भूसा बनाकर ट्रकों में राजस्थान के लिए लोड किया जाता है। स्थानीय मवेशियों के लिए फिक्रमंद लोगों में इसके कारण भारी बेचैनी देखी जा रही है।

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