कोंच-उरई । आयुष चिकित्सकों ने नेशनल मेडिकल बिल 2017-18 से समर्थन जताते हुये इसे बिना किसी बदलाव के लागू किये जाने की मांग की है। आयुष चिकित्सकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिल कर उन्हें प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि ब्रिज कोर्स की अनुमति मिलती है तो लचर चिकित्सा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिलेंगी।

आयुष चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल में शामिल डॉ. विनयकुमार गुप्ता, डॉ. ब्रजेन्द्रकुमार शुक्ला, डॉ. अभिषेक मिश्रा तथा होम्योपैथिक के डॉ. शुभम मिश्रा ने नदीगांव प्रवास के दौरान डीएम डॉ. मन्नान अख्तर को एक ज्ञापन सौंपा जो प्रधानमंत्री को संबोधित था। ज्ञापन में कहा गया है कि वे ब्रिज कोर्स का समर्थन करते हैं, इस बिल के लागू होने से पूरे देश खासतौर पर यूपी की लचर स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी परिवर्तन की उम्मीद की जा सकती है जिससे स्वस्थ भारत के सपने को आयुष चिकित्सक मिल कर साकार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बल्र्ड हैल्थ ऑर्गनाइजेशन के आंकड़ों के मुताबिक प्रति एक हजार लोगों पर केवल एक ही चिकित्सक उपलब्ध है। यह स्थिति इस लिये है कि आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक इलाज की अनुमति नहीं है जबकि लगभग सभी बड़े नर्सिंग होम्स में आयुष चिकित्सकों की सेवायें बिना किसी हिचक के ली जा रहीं हैं। आज जब उन्हें ब्रिज कोर्स (छह माह का) करने का अधिकार सरकार दिलाना चाहती है तो इसमें आपत्ति क्यों।

 

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