उरई। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के उखड़ जाने पर जालौन टाइम्स में छपी खबर के कारण ठेकेदार ने दबाव में मरम्मत तो कराई लेकिन इस नाम पर केवल खानापूर्ति की नतीजतन मरम्मत को एक हफ्ता भी न बीता था कि सड़क पर से गुजरते समय एक ट्रक गडढे में फंस गया जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया।
सिरसाकलार से बाबई 10 किलोमीटर रोड प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 5 करोड़ 13 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से 2013-14 में बनवाई गई थी। लेकिन कमीशनखोरी के कारण इस सड़क पर वास्तविक व्यय स्टीमेट की तुलना में न के बराबर हुआ। जिसके चलते सड़क कुछ ही महीनों में उखड़ गई और जगह-जगह सड़क में गडढे हो गये।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के नियमों के मुताबिक ठेकेदार की जमानत राशि पांच वर्ष तक बंधक रहती है तांकि इस गारंटी दौर में सड़क क्षतिग्रस्त हो जाये तो ठेकेदार को मरम्मत के लिए मजबूर किया जा सके। सड़क उखड़ जाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी इस ओर से आंखे मंूदे हुए थे। जिससे ठेकेदार सड़क के रख-रखाव की कोई परवाह नही कर रहा था।
जालौन टाइम्स ने इस बारे में खबर जारी करके वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में उक्त रोड की दुर्दशा को ला दिया। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग के अभियंता सकपका गये। उनके निर्देश पर ठेकेदार को मरम्मत का काम कराना पड़ा। लेकिन यह काम कितना चलताऊ हुआ इसकी बानगी उस समय मिली जब गिटटी से भरा एक ट्रक इस सड़क से होकर गुजरा और खानापूर्ति के लिए भरे गये गडढे में फंस गया। जिससे सड़क पर यातायात जाम हो गया। लोग सड़क मरम्मत के नाम पर हुई धोखाधड़ी का सबूत देखकर खफा हैं ओर उच्चाधिकारियों से सड़क की ठीक ढंग से मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं।






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