उरई। जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए जहां पात्र लाभार्थी अधिकारियों के दरबाजे पीटने को मजबूर है वहीं बड़े-बड़े धन्नासेठ जिनके यहां नौकरी है, जमीन है टैªक्टर है उन्हें प्रधानमंत्री आवास रेवड़ियों की तरह बांटे जा रहे है।
जनपद के डकोर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम गिरथान निवासी प्रवेश कुमार पत्नी राजकुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी जालौन एवं मुख्यमंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की वह पात्र लाभार्थी है और 31 अक्टूबर 17 को प्रधान एवं सचिव के द्वारा आवास के लिए सुविधा शुल्क की मांग की गई थी। जबकि भूमिहीन सामान्य जाति गरीब परिवार से है जो सुविधा शुल्क नही दे पाई। महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 से 2017 तक जो आवास हुए है उन्हें फिर आवास व शौचालय दिए गए है। रामकुवर पत्नी रामसिंह का लड़का इंजीनियर है उसका अंत्योदय कार्ड बना है और दो बार आवास मिल चुका है। तुलाराम पुत्र चिन्नू, उमाकांत पुत्र तुलाराम, कमलेश पुत्र मुकुदीलाल और मुकुदीलाल पुत्र मुमई इन बाप बेटों को आवास मिल चुके है। इसी तरह विजय प्रकाश एवं उसकी पत्नी त्रिवेड़ी को आवास दिया जा चुका है। कढ़ोरे पुत्र मुलू तथा कढ़ोरे की पत्नी को भी आवास दिया जा चुका है। जबकि गांव के पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ नही दिया गया। ग्राम प्रधान एवं सचिव के द्वारा शौचालय एवं आवासों की जा रही गड़बड़ी की जांच कराने तथा उसे आवास एवं शौचालय मुहैया कराने की मांग की गई है।






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