0 नोटा को सिर्फ आवाज नहीं, कानूनी परिधान पहनाया जाए

उरई। बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत ही अच्छी सरकार के लिए जरूरी होता है। जिला प्रशासन का यह लक्ष्य है कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाकर 85 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को मतदाता जागरुकता की दिशा में और ज्यादा काम करने की जरूरत है। उनका सुझाव है कि नए प्रवेश लेने वाले 18 साल या उससे अधिक आयु के छात्रों का प्रवेश के समय वोटरकार्ड या आधारकार्ड जरूर लिया जाए। यह बात जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने कही। वह आज एडीआर, यूपी इलेक्शन वाच, जिला प्रशासन के बैनर तले मतदाता साक्षरता क्लब के तत्वावधान में श्री गांधी महाविद्यालय के बापू सभागार में नोटा को कैसे प्रभावी बनाए विषयक भाषण प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के नाते संबोधित कर रहे थे।

यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश समन्वयक अनिल शर्मा ने कहा कि नोटा को सिर्फ आवाज न समझा जाए बल्कि इसे कानूनी परिधान पहनाया जाए, ताकि प्रत्याशियों को जनता की पावर का पता लग सके। मतदाता को अपने तथाकथित सेवक (जनप्रतिनिधियों) के बारे में जरूर जानना चाहिए, यदि उनके बारे में सभी जानकारी नहीं होगी तो हम उनसे काम कैसे ले सकेंगे। हमें उनके वेतन, भत्तों व अधिकार के बारे में जानना चाहिए। उनसे मांगपत्र पर सहमति लेकर अपने क्षेत्र का विकास कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह सब काम जनदबाव से हो सकता है।

अध्यक्षता कर रही कालेज की प्राचार्य डा. अलका नायक ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद राजनैतिक दल सदन में जनविरोधी काम करने लगते है। इसके लिए जरूरी है कि सरकार जो भी काम करे, उसके लिए पहला जनता की राय ले, फिर कोई कानून बनाए। यदि मतदाता को वोट की प्रभावी बनाना है तो नोटा को ताकत देना जरूरी है।

कार्यक्रम का सफल संचालन मतदाता साक्षरता क्लब के नोडल अधिकारी डा. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने किया। इसके पहले शिक्षिका डा. गरिमा पाठक ने कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ की। इसके बाद मां सरस्वती तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

इस मौके पर यूपी इलेक्शन वाच के शशि शेखर दुबे, वरुण सिंह, डा. रमेश चंद्रा, डा. रेनू चंद्रा, प्रधानाचार्या श्रीमती कमलेश शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, शिवसंपत्ति द्विवेदी, संदीप श्रीवास्तव, डा. जीके सुमन, डा. रवींद्र कुमार त्रिपाठी, डा. ममता अग्रवाल, डा. सुमेधा सचान, डा. आईपी दुबे, डा. अरुण सिंह, डा. रिचा सिंह सेंगर, संजय सिंह, धीरेंद्र गुप्ता, यादराम तिवारी, दीपशिखा, असगर खान, श्वेता पटैरिया, सर्वोत्तम सिंह, पिंकी गोयल आदि मौजूद रहे।

 

प्रतियोगिता में प्रगति पांडेय ने बाजी मारी

नोटा को कैसे प्रभावी बनाए विषयक भाषण प्रतियोगिता में बीए की छात्रा प्रगति पांडेय ने पहला, एमए के अनूप कुमार ने दूसरा तथा बीए छात्र रामशरण सिंह को तीसरा स्थान मिला। निर्णायक मंडल में डा. राकेश नारायण, स्वप्निल भट्ट व कंचन दीक्षित शामिल रही। इन सफल प्रतिभागियों को 25 जनवरी को मतदाता दिवस के अवसर पर सनातन धर्म इंटर कालेज में होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।

 

नोटा से हारे प्रत्याशियों पर चुनावी प्रतिबंध लगे

गांधी महाविद्यालय के बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि नोटा को कानूनी अमलीजामा पहनाया जाए। यदि कहीं नोटा को प्रत्याशियों से ज्यादा वोट मिले तो उस सीट को रिक्त घोषित कर नए सिरे से चुनाव कराया जाए और नकारे गए सभी प्रत्याशियों को कम से कम छह साल या आजीवन चुनाव लडने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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