उरई। जिले का खाद्य सुरक्षा विभाग भ्रष्ट और निकम्मा साबित हो रहा है। मिलावटियों से सुविधा शुल्क उगाह कर जेबें भरने में विभाग जितना सक्रिय रहता है उतनी सक्रियता उसकी लोगों की जिंदगी से इसके कारण हो रहे खिलवाड़ को रोकने में कहीं नही दिखती। दूध डेयरियों में हो रही निरमा वाशिंग पाउडर खतरनाक मिलावट के रूप में इसका उदाहरण देखा जा सकता है।
लोगों ने निरमा के शुरूआती दौर में टीवी विज्ञापनों पर यह स्लोगन खूब सुना था कि दूध सी सफेदी निरमा से आये। एक तरह से यह स्लोगन रट जाने की तरह लोगों की जुबान पर चढ़ गया था। लेकिन तब लोग यह नही जानते थे कि एक दिन निरमा और दूध के बीच वास्तव में चोली दामन का संबंध निकल आयेगा।
आज कोेंच बस स्टैण्ड के पास संचालित दूध डेयरियां दूध और निरमा की नातेदारी को मजबूत कर रहीं हैं। पहली कोताही तो यह है कि इन डेयरियों का संचालन बिना लाइसेंस के हो रहा है फिर भी खाद्य सुरक्षा विभाग को खबर नही है। दूसरी गंभीर चूंक यह है कि इन डेयरियों में दूध में जमकर पानी मिलाया जाता है और इसके बाद दूध को गाड़ा करने के लिए निरमा डाल दिया जाता है। जबकि वाशिंग पाउडर में कास्टिक सोडा होता है जिससे अंतड़ियां गल सकती हैं और जीवन के लिए खतरा हो सकता है।
इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ऐसी डेयरियों की सुरागरशी कराने में कोई दिलचस्पी नही ले रही है। लोग उनके रवैये को देखकर रोम जल रहा था नीरो वंशी बजा रहा था की कहावत अपने बच्चों को सिखाने और समझाने में लगे हैं।






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