जालौन-उरई। सेठ वीरेंद्र कुमार महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय सेवा योजना के तीसरे दिन जल जागरूकता के लिए मानव श्रंखला बनाई गई।

कार्यक्रम अधिकारी अवनीश दीक्षित और डा. सचिन अवस्थी ने इस दौरान जल की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है। लेकिन स्वच्छ जल सीमित मात्रा में उपलब्ध है। जिससे जनसंख्या वृद्धि के कारण जल संकट पैदा हो रहा है। इसलिए पानी की एक-एक बूंद का उपयोग संभल कर किया जाना चाहिए।

नम्रता श्रीवास्तव एवं प्रीति पाठक ने कहा कि अमूल्य स्वच्छ जल की हम बेरहमी से बर्बादी करते हैं जो कि सही नही है। चंद्रभान सेंगर और राजकुमार ने शुष्क क्षेत्रों में पिपरमेंट की खेती से बचने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पानी के अधिक उपयोग की व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने से बुंदेलखंड में जीवन संकट ग्रस्त हो सकता है। इस अवसर पर प्रियंका, गिरजा शंकर, विनीत मिश्रा, मनीष, सोमेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।

 

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