कालपी;उरई । नगर कालपी की सहायत शिक्षिका से दस हजार रुपये धमकी देकर रिश्वत लेने वाले लिपिक का चार्ज मात्र छीनकर कठोर कार्यवाही न किए जाने से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदेह के घेरे में है । नगर तथा क्षेत्र के शिक्षकों में इसे ले कर आक्रोश व्याप्त हो रहा है।
विवरण के अनुसार शिक्षा विभाग के नगर कार्यालय कालपी के लिपिक आशीष गुप्ता द्वारा मोहल्ला रामगंज के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षिका नीलम बाथम को बेतन रोकने की धमकी देकर दस हजार रुपये की रिश्वत तो ली गई थी। उक्त मामला शिक्षा विभाग में जानकारी का विषय होने पर नगर शिक्षाधिकारी महेश कुमार शर्मा द्वारा शिक्षकों की नगर कार्यालय में बैठक बुलाकर जब मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की गई तो लिपिक द्वारा रुपये न लेने की बात स्वीकार दबंगई से किए जाने पर बैठक में कुछ शिक्षकों और लिपिक के बीच तू तू मै मै भी हुई लेकिन लिपिक बराबर दस हजार रुपये की बात स्वीकारता रहा जिसकी पुष्टि कई शिक्षकों ने की है। उपरोक्त गंभीर मामले के मद्देनजर शिकायतत नगर शिक्षाधिकारी श्री शर्मा को सौपे जाने पर और रिश्वत लेने की पुष्टि होने पर नगर शिक्षाधिकारी द्वारा लिपिक के विरूद्ध प्रशासनिक कार्यवाही करने की संस्तुति पत्र जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जालौन राजेश कुमार शाही के पास भेज दिया गया। उपरोक्त रिश्वत लेकर दबंगई करने के मामले में कालपी नगर क्षेत्र के शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। मौके ही नजातक को भांपते हुए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश कुमार शाही ने अपने आदेश पत्र संख्या 356 तारीख 29 जनवरी के तहत नगर शिक्षाधिकारी कालपी को अवगत कराया कि कनिष्ठ लिपिक के विरूद्ध शिकायत की पुष्टि एवं संस्तुति के आधार पर आशीष गुप्ता लिपिक का चार्ज तत्काल प्रभाव से हटाकर परशुराम लिपिक को दिया जाता है। जहां गौरतलब हो कि दबंगई से रिश्वत लेने और शिकायत की पुष्टि तथा प्रशासनिक कार्यवाही की संस्तुति नगर शिक्षाधिकारी कालपी द्वारा किए जाने के बाद जिला बेसिक अधिकारी द्वारा रिश्वत खोर दबंग लिपिक का मात्र चार्ज छीनना जहां न्याय संगत में नही है। वही दबंग लिपिक की हौसला अफजाई करने का ज्वलंत उदाहरण है। जिसे लेकर कालपी नगर क्षेत्र के शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है जो कभी भी ज्लावामुखी का बन सकता है।







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