उरई। विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन प्राविधिक शिक्षा ने सूचित किया है कि प्राविधिक शिक्षा और तकनीकी कौशल तरक्की की रीढ़ है, मात्र शिक्षित होना पर्याप्त नहीं है, आजीविका के लिए हुनरमन्द व तकनीकी शिक्षा से सम्पन्न होना आवश्यक है। भारत सरकार की ‘‘मेक इन इण्डिया’’ और ‘‘स्टार्ट-अप एंड स्टैन्ड-अप‘‘ योजनाओं की सफलता का ऊर्जा स्त्रोत प्राविधिक शिक्षित युवा है। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा तथा सेवा योजना का स्तर बढ़ाने के उद्द्वेश्य से जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे है ‘‘स्कूल चलो अभियान’’ की भांति ‘‘पालीटेक्निक चलो अभियान‘‘ को जिला प्रशासन के दिशा निर्देशन में चलने का निर्णय लिया गया है। पालीटेक्निक में शिक्षा प्राप्त करने वाले अधिकांश छात्र/छात्रायें ग्रामीण एवं समिति आय वर्ग की सामाजिक पृष्ठभूमि से आते है। ऐसे में अधिकांश छात्र/छात्रायें समुचित मार्गदर्शन एवं जानकारी के अभाव में प्रायः इण्टरमीडिएट करने के उपरान्त पालीटेक्निक में प्रवेश के लिए अग्रसर होते है और पालीटेक्निक पाठ्यक्रमों की उपादेयता से अनभिज्ञ होने के कारण पालीटेक्निक में प्रवेश के लिए आवेदन नहीं कर पाते है। इस ‘‘पालीटेक्निक चलो अभियान‘‘ जन-जागरूकता का उद्देश्य है बड़े पैमाने पर, विशेषकर ग्रामीण छात्र/छात्राओं को पालीटेक्निक पाठ्यक्रमों के व उनसे मिलने वाले रोजगार के बारे में उचित जानकारी देना तथा उन्हें पालीटेक्निक प्रवेश के लिए पे्ररित करना है। इससे उद्यमिता विकास तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। यह भी स्पष्ट किया जाना है कि पालीटेक्निक प्रवेश हेतु न्यूनतम अर्हता हाईस्कूल है। प्राविधिक शिक्षा, उ0प्र0 के अधीन संचालित 139 राजकीय, 19 अनुदानित एवं 350 निजी क्षेत्र की पालीटेक्निकों में संचालित 60 पाठ्यक्रमों में प्रवेश, संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होना हैं सत्र 2018-19 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा 22 अप्रैल 2018 (रविवार) को दो पालियों में किया जायेगा। तकनीकी शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार की दृष्टि से छात्र/छात्राओं में तकनीकी शिक्षा के प्रति अभिरूचि उत्पन्न करने के उद्देश्य से दिनांक 01 फरवरी 2018 से 25 फरवरी 2018 के मध्य ‘‘पालीटेक्निक चलो अभियान‘‘ चलाया जायेगा। जिसमे हाईस्कूल/इण्टर के छात्र-छात्राओं पालीटेक्निक में प्रवेश लेने हेतु आवेदन भरने तथा तकनीकी शिक्षा प्रति अभिरूचि उत्पन्न करने हेतु जागरूक किया जायेगा। कार्यक्रम में ब्रोशर/पम्पलेट/पोस्टर आदि के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। छात्र-छात्राओं को पर्याप्त जानकारी व समुचित मार्गदर्शन के दृष्टिगत ‘‘पालीटेक्निक चलो अभियान’’ को जिले के अधिकारियों, सी0डी0ओ0/ए0डी0एम0/एस0डी0एम0/बी0डी0ओ0/डी0आई0ओ0एस0 आदि के निर्देशन में राजकीय पालीटेक्निक के प्रधानाचार्यों एवं स्टाॅफ की समिति बनाकर वृहद पैमाने पर कम से कम जनपद समस्त राजकीय एवं सहायता प्राप्त हाईस्कूल एवं इण्टर कालेजों में प्रचार-प्रसार के साथ-साथ डिप्लोमा स्तरीय तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया जायेगा।

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