कोंच। सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के सात दिवसीय शिविर में रविवार को छठवें दिन ग्राम जुझारपुरा में छात्र छात्राओं ने गांव के निरक्षर स्त्री पुरुषों को एकत्रित कर उनकी पाठशाला लगाई और उन्हें साक्षर करने का प्रयास किया।
शिविर स्थल पर रविवार को बड़ों की पाठशाला लगाई जिसमें गुड्डी, कमलेश, गुड्डी वर्मा, कुठौंदा बाली, हरीदास, मथू, गुरावती बाली, सरोज, दीनदयाल, मुठीराम, मालतीदेवी, पुनादेवी, प्रदीप, धनीराम, गंगा, राजेन्द्री, आनंदकुमार, भगवानदास, पानकुमार, हरीमोहन, दयाराम दोहरे सहित चालीस से सत्तर बर्ष की उम्र वय के स्त्री पुरुष शामिल रहे। इन निरक्षर लोगों को पाठशाला में शिविरार्थी स्वयं सेवकों ने ककहरा सिखाने का अभिनव प्रयास किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिलेश प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि समाज के निरक्षर लोगों को साक्षर करने की नैतिक जिम्मेदारी युवाओं की ही है। न केवल शिविर बल्कि रोजमर्रा के जीवन में भी वे अपने व्यस्त समय में से थोड़ा सा समय इन्हें साक्षर करने में लगायें। कार्यक्रम अध्यक्ष ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनुजप्रताप सिंह ने भी युवाओं का आह्वïान करते हुये कहा कि कि युवा शक्ति यदि पत्थर में भी लात मार दे तो वह टूट कर बिखर जायेगा, युवा पीढी को ही यह गुरुतर भार वहन करना होगा और समूचे समाज को भी जगाना होगा। उन्होंने महिला शिक्षा को भी बढावा दिये जाने की जरूरत बताई, कहा कि महिलाओं की शिक्षा पर देश की विकास यात्रा निर्भर है। छात्र छात्राओं ने भी अपनी बात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से रखी। महाविद्यालय के डायरेक्टर आशुतोष हूंका, छात्र छात्राओं रीनू पटेल, अमरीन, शालिनी, राधा वाजपेयी, श्यामजी पटेल, मोहिनी वर्मा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरताज खान एवं कोऑर्डीनेटर कन्हैया नीखर ने आभार जताया। इस दौरान ब्रजेन्द्रसिंह निरंजन, धर्मेन्द्रसिंह, विवेक श्रीवास्तव, दिनेश अग्रवाल, चंद्रप्रकाश रावत, धीरज बुधौलिया, भूपसिंह आदि मौजूद रहे।

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