कोंच। सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय की राष्टï्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा समीपस्थ ग्राम जुझारपुरा में आयोजित सात दिवसीय बिशेष शिविर के समापन अवसर पर सोमवार को स्वयं सेवकों ने विभिन्न नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर जोरदार प्रहार किये और ग्रामीणों को इनके भंवर जाल से मुक्त होने के लिये अपने भीतर दृढ इच्छा शक्ति पैदा करने के लिये जागरूक किया। कैम्प की समापन वेला में स्वयं सेवक छात्र छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये जिनमें बुंदेली संस्कृति की साफ झलक देखने को मिली।
महाविद्यालय प्रबंध समिति में निदेशक आशुतोष हूंका के मुख्य आतिथ्य तथा कोऑडीनेटर कन्हैया नीखर, प्राचार्य डॉ. सावित्री गुप्ता, डॉ. ब्रजेन्द्र निरंजन एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनुजप्रताप सिंह गुर्जर के बिशिष्टï आतिथ्य में संजोये गये समापन कार्यक्रम की शुरुआत मां वीणापाणि की प्रतिमा के पूजन अर्चन से हुई। अतिथियों का बैज अलंकरण शिविरार्थी छात्र छात्राओं द्वारा किया गया। स्वयंसेवकों मंदाकिनी, मोहिनी, शिवानी, नेही रायकवार, तान्या वर्मा, शीलू रजक आदि ने समूह गीत ‘वतन के वास्ते जीना वतन के वास्ते मरनाÓ से आगे के कार्यक्रमों की नींव रखी। छात्र घनश्याम पटेल ने ग्रामीणों की समस्याओं को जानने और और उनका निराकरण कराने के प्रयासों की जरूरत बताई, कहा कि ग्रामीण जीवन समस्याओं से घिरा है और ग्रामीण उनके निराकरण के रास्तों की जानकारी के मामलों में लगभग अनभिज्ञ हैं। छात्र उनकी मदद के आगे आ सकते हैं और उन्हें अपनी समस्यायें खुद हल कराने के रास्ते भी बता सकते हैं। दहेज प्रथा पर चोट करने बाला नुक्कड़ नाटक काफी प्रभावी रहा। नशा मुक्ति, बेटी बचाओ पर भी नुक्कड़ नाटकों की सशक्त प्रस्तुति रही। मुख्य अतिथि हूंका ने छात्र छात्राओं को सत्य की राह पर चलने की सीख देते हुये कहा कि इस राह में यद्यपि कठिनाइयां कदम पर खड़ी दिखती हैं लेकिन अंतत: जीत सत्य की ही होती है। कार्यक्रम को डॉ. मृदुल दांतरे, डॉ. अखिलेशप्रताप सिंह, डॉ. मोहम्मद सरताज खान आदि ने भी संबोधित किया। संचालन मनोज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान पुष्पेन्द्र, राजकुमार, चंद्रप्रकाश रावत, दिनेश अग्रवाल, धीरज, विवेक श्रीवास्तव, मुश्ताक सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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