उरई (जालौन)। पिछले कुछ दिनों से एआरटीओ व पुलिस अधिकारियों की नादिरशाही नीति के चलते जहां आधा सैकड़ा ई-रिक्शों को कोतवाली में बंद करवा दिया गया था तो वही नगर में ई-रिक्शों का संचालन पूरी तरह से बंद करा दिया गया था। तभी नगर में ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पालने वाले लगभग एक हजार लोग न्याय पाने के लिये भटक रहे थे। ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष रवि वर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी ई-रिक्शा चालक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। रही बात उनके वैधानिकता की तो वह कार्रवाई जारी रहेगी।
सोमवार को ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष रवि वर्मा ने जहां अनेकों ई-रिक्शा चालकों के साथ एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बात की तो वहीं जो रिक्शे कोतवाली उरई में कई दिनों से बंद उन्हें भी छुड़वाने के लिए अधिकारियों से बातचीत का क्रम शुरू कर दिया है। श्री वर्मा का कहना था कि नगरवासियों के लिये ई-रिक्शा सबसे सस्ता माध्यम एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का है। इतना ही नहीं ई-रिक्शा मोहल्ले की गलियों से लेकर दूरस्थ नगरीय क्षेत्र में सवारियों को पहुंचाने का काम करते चले जा रहे हैं। यही उनके जीविका का जरिया भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-रिक्शा को पुनः सुचारु रूप से संचालन होगा और भविष्य में यूनियन के अध्यक्ष होने के नाते रिक्शा पीड़ितों के साथ हमेशा साथ खड़े रहने का वायदा किया और मीडिया से रूबरू हुए इसकी सूचना जैसे ही पूर्व सांसद व बसपा से लोकसभा प्रत्याशी जालौन गरौठा भोगनीपुर घनश्याम अनुरागी को हुई तो वह तत्काल आरटीओ ऑफिस पहुंचकर यूनियन के साथ खड़े हुए और आरटीओ सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। यूनियन अध्यक्ष रवि वर्मा का कहना था कि नगर में पूर्व की भांति ही ई-रिक्शों का संचालन बगैर किसी बाधा के होता रहेगा। ताकि जो लोग ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं उन्हें भूखे पेट होने को विवश न होना पड़े।

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