
उरई। गर्मी की दस्तक के पहले ही जल स्तर कायम रखने के लिए शासन सजग हो गया है। गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भू-गर्भ जल संरक्षण की बैठक मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह की अध्यक्षता में आहूत की गई।
गत चार वर्षो से अवर्षण के कारण बुन्देलखण्ड भीषण जल संकट की चपेट में है। इस वर्ष सर्दी के मौसम तक में पेयजल के नलकूप चलाने के लिए अतिरिक्त पाइप डालने पड़े। सैकड़ांे हैंडपम्प समय से पहले रीबोर की स्थिति में पहुंच गये। इसे देखते हुए आने वाले गर्मी के मौसम मंे पानी की समस्या को लेकर हाहाकार जैसा माहौल महसूस किया जा रहा है।
हालात से निपटने के लिए भू-गर्भ जल भंडार बढ़ाने के टिप्स मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में दिये। साथ ही किफायती सिचाई व दैनिक क्रियायों में पानी की फिजूलखर्ची रोकने को लोगांे को जागरूक करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से अभियान के स्तर पर प्रयास करने की अपील की।
बैठक में लघु सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता विजय कुमार सहायक अभियंता राजेश कुमार अवर अभियंता प्रीतम सिंह, मूंगाराम भास्कर, रामकुमार पटैरिया, केपी गुर्जर, राजेन्द्र बाबू यादव, सिचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार वर्मा भूमि संरक्षण अधिकारी कृषि विभाग सौरभ यादव और राष्ट्रीय जलागम व जल संस्थान व जल निगम के अभियंता उपस्थित रहें।







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